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राक्षी नदी की कच्ची पटरी टूटने के 24 घंटे बाद भी किसानों को नहीं मिली प्रशासनिक मदद

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लाडवा। बस स्टैंड के पीछे राक्षी नदी की कच्ची पटरी टूटने से आसपास के कई खेत जलमग्न हो गए हैं। खेतों में रह रहे एक मजदूर की कटड़ी की पानी में डूबने से मौत हो गई। वहीं 24 घंटे बीतने के बाद भी पानी के कारण फंसे लोगों को प्रशासनिक मदद नहीं मिली। किसान नरेंद्र कुमार, जोग ध्यान और अन्य ने कहा कि सिंचाई विभाग की लापरवाही से उनकी कई एकड़ फसल पानी में डूब गई, जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है। किसान पहले ही कर्ज के बोझ तले दबे पड़े हैं। सिंचाई विभाग की लापरवाही ने किसानों को और ज्यादा उजाड़ने का काम किया है। किसानों ने बताया कि नदी के बीचो बीच घास उगी हुई है। न तो नदी के किनारों को पक्का किया गया है और न ही साफ किया गया है। खेतों में रह रहे एक मजदूर परिवार के पशुओं पर भी राक्षी नदी का पानी कहर बनकर टूटा। मजदूर भीमा ने बताया कि उनकी कटड़ी पानी में डूब गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पूरी रात उन्होंने डर के साए में व्यतीत की। कहा कि रास्ते में पानी भर जाने से परिवार का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है, जिससे बच्चों और परिवार के लिए दूध-पानी और अन्य सामान का भी प्रबंध नहीं हो पा रहा है। जेई नीरज कुमार ने कहा कि नदी में बूबका हेड से पानी छोड़ने और बेमौसमी बरसात से ज्यादा पानी आ गया था। उन्होंने माना कि किसानों का भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि पटरी को मजदूरों की सहायता से मिट्टी के कट्टों से पाट दिया गया है।
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