संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पिछले दो दिनों से जिले में मौसम की मेहरबानी बनी हुई है। रिमझिम-रिमझिम हो रही बारिश से जहां तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है तो वहीं गर्मी से परेशान लोग भी राहत महसूस कर रहे हैं। इतना ही नहीं यह बारिश धान की फसल के लिए भी सबसे ज्यादा लाभकारी सिद्ध हो रही है। बदले मौसम के मिजाज को देखकर किसानों के चेहरों पर खुशी देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि धान की फसल को ज्यादा पानी की जरूरत होती है। वीरवार को जिले में औसतन 20 एमएम बारिश हुई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि मौसम में बदलाव पिछले कई दिनों से जारी था, जिसके चलते वीरवार को जिले में कई जगहों पर ज्यादा बारिश हुई। इससे धान की फसल को फायदा होगा। उन्होंने बताया कि आगे भी मौसम परिवर्तनशील रहेगा। बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।
बुधवार देर रात को मौसम ने करवट ली, जिससे जिले में कहीं कम तो कहीं ज्यादा बारिश हुई। बारिश होने से जहां उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली तो वहीं धान की फसल को भी फायदा मिला जबकि वीरवार सुबह फिर से रिमझिम बारिश शुरू हो गई, जो कि दो घंटे तक चलती रही। बारिश होते ही स्कूल में बच्चों को पहुंचाने वाले परिजनों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। परिजनों ने छाते का सहारा लेकर बच्चों को स्कूल तक पहुंचाया।
जिले में इस्माईलाबाद में सबसे ज्यादा बारिश हुई जो कि 61 एमएम रही, जबकि सबसे कम लाडवा में हुई जो कि दो एमएम दर्ज की गई। थानेसर में 30 एमएम, बाबैन में 10 एमएम, पिहोवा में नौ एमएम, शाहाबाद में आठ एमएम बारिश हुई। बारिश के बाद दिनभर बादल छाए रहे, जिससे मौसम में दोपहर तक ठंडक बनी रही और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वीरवार को अधिकतम तापमान 29.1 व न्यूनतम 25.2 डिग्री सेल्सियस रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 34 व न्यूनतम 26 डिग्री रहने की संभावना है।
किसान राम सिंह, सुरेश कुमार, धर्मवीर सिंह का कहना है कि जिले में पिछले दो दिन से देर रात व वीरवार को सुबह रिमझिम बारिश होने से धान की फसल को फायदा होगा तो वहीं फसल में बीमारियां लगने का खतरा भी कम हो जाएगा। उन्होंने धान की अच्छी पैदावार की उम्मीद जताई है।