फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: पोर्टल पर अटकीं वैध हो चुकीं 78 कॉलोनियों की रजिस्ट्रियां

विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। प्रदेश सरकार से लेकर नगर योजनाकार विभाग भी पिछले सात माह के दौरान जिले की 78 कॉलोनियां वैध किए जाने का दम भर रहा है लेकिन इन कॉलोनियों की सुविधाएं पोर्टल के फेर में फंसकर रह गई हैं। अन्य सुविधाएं तो दूर आज तक इन कॉलोनियों की प्रॉपर्टी की एनओसी तक जारी नहीं हो पा रही है। विभाग के अधिकारी तकनीकी खामियों का पोर्टल पर ठीकरा फोड़ रहे हैं तो वहीं कॉलोनियों के लोग अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। आवेदकों को एनओसी कब से मिल पाएगी, यह जवाब भी फिलहाल अधिकारियों के पास नहीं है। अब शुक्रवार को होने वाली विभागीय बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं।
विज्ञापन

बता दें कि कॉलोनियां वैध होने के संबंध में अधिसूचना भी जारी हो चुकी है, जिसके चलते इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के चेहरे भी खिल उठे थे। लोगों को जहां इन कॉलोनियों में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होने से लेकर विकास कार्य भी होने की उम्मीद जगी थी तो वहीं रजिस्ट्री से पहले नगर योजनाकार विभाग से विकास शुल्क का भुगतान कर एनओसी भी लिया जाना जरूरी कर दिया गया था। हालांकि पहले कई माह एनओसी की प्रक्रिया ही तय नहीं हो पाई तो करीब एक माह पहले नगर योजनाकार विभाग ने पोर्टल लांच किया था, जिस पर एनओसी के लिए आवेदन किया जा सकता है।
विभाग न तो इस पोर्टल के बारे में लोगों तक तक समुचित सूचना पहुंचा पाया और जिन लोगों को इसका पता चला तो उन्हें आवेदन व आपत्तियां दूर किए जाने के बावजूद एनओसी नहीं मिल पाई है। ऐसे में लोगों के चेहरे से कॉलोनियां वैध होने की खुशी गायब होती दिखाई देने लगी है। आवेदन कर चुके डॉ. रोहतास, दीदार सिंह सहित अन्य लोगों का कहना है कि एनओसी न मिलने के चलते रजिस्ट्री भी नहीं हो रही और न वे अपनी प्रॉपर्टी को लेकर कोई फैसला ले पा रहे हैं।
विज्ञापन



आवेदन के साथ ही विकास शुल्क
अधिकारियों के मुताबिक एनओसी के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को तय विकास शुल्क जमा करवाना होगा। खाली प्लाट पर पांच फीसदी तो बने मकान पर आठ फीसदी शुल्क तय किया गया है, जो वर्तमान कलेक्टर रेट पर लागू होगा। यह बात अलग है कि अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि आखिर इन कॉलोनियों का विकास किसके जिम्मे होगा। बता दें कि वैध हुई 78 कॉलोनियों में सबसे ज्यादा थानेसर क्षेत्र की 54 कॉलोनियां हैं वहीं पिहोवा की 14, शाहाबाद की पांच, इस्माईलाबाद की चार व लाडवा की एक कॉलोनी शामिल है।


कहीं खसरा व किले नंबर तो कहीं साझेदारी बन रही बाधा
जानकारी के मुताबिक अभी तक करीब दर्जनभर लोग ही एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पाए हैं लेकिन उन्हें भी यह नहीं मिल पाई है। बार-बार आपत्तियां सामने आ रही है तो इन्हें दुरुस्त किए जाने के बावजूद भी एनओसी नहीं मिल पा रही है। उधर अधिकारियों की मानें तो कहीं खसरा, किल्ला व मरब्बा नंबर तो कहीं प्रॉपर्टी की साझेदारियां भी तकनीकी तौर पर बाधा बनी हुई है। ऐसे में पोर्टल पर भी इनका समाधान नहीं हो पा रहा है।


समस्या का समाधान जल्द होने की उम्मीद : अशोक गर्ग
नगर योजनाकार अशोक गर्ग का कहना है कि समस्या के संबंध में उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है। शुक्रवार को बैठक होनी है, जिसके बाद जल्द समाधान की उम्मीद है। अभी तक दर्जन भर आवेदन मिले हैं, लेकिन कोई एनओसी जारी नहीं की जा सकी। उनका यह भी कहना है कि एनओसी जारी होने उपरांत आवेदक को एचएसवीपी के पोर्टल पर निर्धारित डेवलपमेंट चार्ज जमा करवाने उपरांत ही सेल डीड, रजिस्ट्री करवाने का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें