संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। कैथल में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर गुर्जर शब्द लिखने ओर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को राजपूत समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए और जमकर रोष जताया। नारेबाजी करते प्रदेश सरकार का पुतला भी जलाया और एसडीएम पुलकित मल्होत्रा को ज्ञापन सौंपकर मामले को जल्द सुलझाने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व गांव सूढ़पर के पूर्व सरपंच खेमचंद तिलक राणा और मनजीत राणा ने किया। खेमचंद और मनजीत ने कहा कि राजपूत समुदाय के लोग कैथल में शांतिप्रिय ढंग से बातचीत करने के लिए गए थे और उनकी मांग थी कि प्रतिमा से गुर्जर शब्द हटाया जाए और उसके स्थान पर क्षत्रिय सम्राट लिखा जाए
सरकार और प्रशासन ने राजपूत समाज की मांग सुनने की बजाए निहत्थे लोगों पर लाठिया भांजी। कहा कि वह राजपूत समुदाय अपने इतिहास की चोरी नहीं करने देगा बेशक इसके लिए इस समाज को कोई भी कुर्बानी देनी पड़े। इस मौके पर अजय, विशाल, सौरव, रवि, बिट्टू, फतेह सिंह, दर्शन राणा, चेनत, अमर सिंह,भानू प्रताप, साहिल राणा, मनजीत, नीतिन, पंकज राणा आदि मौजूद रहे।
तंगौर गांव में किया प्रदर्शन
तंगौर गांव में भी राजपूत समुदाय के युवाओं ने रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियोंं ने कहा कि राजपूत समुदाय ने अपना इतिहास बलिदान देकर रचा है। इतिहास की चोरी बर्दाश्त नहीं होगी। सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर गुर्जर शब्द लिखा जाना गलत है। इस अवसर पर रूप राणा, बंसी राणा, रोहित राणा, सरपंच सचिन राणा, रूप राणा, साहिल राणा, राजेश राणा, पवन राणा, सुरेंद्र राणा, लाली राणा आदि मौजूद रहे।