कुरुक्षेत्र। सेक्टर 17 की तरफ जाने वाली सड़क पर भरा बारिश का पानी। संवाद
कुरुक्षेत्र। पिछले कई दिनों से चल रही मौसम की बेरुखी बुधवार सुबह दूर हुई, जिसके चलते आसमान में घने बादल छा गए और बारिश हुई। बारिश होने से जहां मौसम में ठंडक का आभास हुआ तो वहीं शहर में कई जगहों पर जलभराव भी हो गया, जिससे पानी निकासी की नगर परिषद की तैयारियों की भी पोल खुल गई। कई जगहों पर जलभराव के चलते कर्मचारी पानी निकासी को दुरुस्त करने में पसीना बहाते रहे। कई मुख्य बाजार, गोशाला बाजार, मोहन सिनेमा मार्केट, सेक्टर 17, बीआर आंबेडकर चौक, छोटा बाजार सहित कई जगहों पर जलभराव के चलते लोगों को परेशानियों से भी जूझना पड़ा।
बारिश होने से किसानों के चेहरे भी खिल उठे और लोगों को भी उमस भरी गर्मी से राहत मिली। करीब एक घंटा तक हुई 15 एमएम बारिश होने से सूख रही धान की फसलों को फायदा मिला, जिससे धान उत्पादक किसानों में खुशी नजर आई। वहीं दोपहर बाद मौसम ने फिर से करवट ली और तेज धूप खिल उठी। मौसम पूरी तरह से साफ हो गया। बुधवार को अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री व न्यूनतम 28.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वीरवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री व न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून फिर से सक्रिय होने लगा है, जिससे अब अगले कुछ दिनों में भी बारिश होने की संभावना रहेगी। बारिश होने से जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने के आसार रहेंगे तो वहीं सूख रही धान की फसलों के लिए बारिश वरदान साबित होगी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि जिले में कहीं ज्यादा तो कहीं कम बारिश हुई है। बारिश होने से धान की फसल को फायदा मिला है। पिछले कई दिनों से बारिश न होना किसानों के लिए चिंता का कारण बना हुआ था। मानसून अब फिर से सक्रिय होने लगा है, जिसके चलते अगले कुछ दिनों में झमाझम बारिश होने की संभावना रहेगी।
बारिश होने से खिले किसानों के चेहरे
इस्माईलाबाद। मानसून की बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। पिछले कई दिनों से बरसात की बाट जोह रहे किसानों ने भी बारिश होने से राहत की सांस ली। बारिश से धान की फसल में फायदा होने से किसानों के चेहरे खिले हुए है। किसान प्रदीप, विशाल, कृष्ण, सौरव, अनिल ने बताया कि धान रोपाई का सीजन शुरू होने के बाद बारिश न होने से धान की फसल सूखने की कगार पर थी, ऐसे में सही समय पर बारिश होने से धान की फसल को काफी फायदा होगा। बारिश धान की फसल के लिए संजीवनी का काम करेगी।