कुरुक्षेत्र। प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार तक धर्मनगरी को पर्यटन नगरी के तौर पर विकसित करने में जुटी हुई है। इसके लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इन्हीं में शामिल है ऐलिवेटेड ट्रैक परियोजना। कुरुक्षेत्र-जींद रेल मार्ग पर करीब 225 करोड़ की इस ड्रीम परियोजना के अगले तीन माह में पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद शहर को यह बड़ी सौगात मिल पाएगी। इससे जिलेवासियों को यातायात में बड़ी राहत मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि अब तक इस परियोजना का करीब 80 फीसदी तक काम पूरा कर लिया गया है। जून माह तक यह परियोजना पूरी की जानी है। इसके तहत अंडर ग्रांउड फांडेशन में 1296 पिलर बनाए गए हैं तो वहीं 450 में से अधिकतम बीम भी बनाए जा चुके हैं। यहां तक कि बड़े हिस्से में पिलरों पर बीम भी रखे जा चुके हैं। परियोजना जून माह तक पूरी किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके चलते कार्य दिन-रात जोरों से किया जा रहा है। इसी परियोजना के तहत थानेसर रेलवे स्टेशन का भी नवनिर्माण किया जाना है।
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सीएम ने किया था शिलान्यास
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हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डिवलेपमेंट कार्पोरेशन की ओर से प्रदेश व केंद्र सरकार की इस संयुक्त परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 22 अगस्त 2019 को किया था। अनुमानित लागत रु. 245.99 करोड़ मानी जा रही है, जिसमें प्रदेश सरकार 136.45 करोड़ और केंद्रीय रेलवे विभाग की ओर से 109.54 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था।
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पांच फाटकों से लोगों को मिल पाएगी निजात
परियोजना पूरी होने पर लोगों को शहर में ही स्थित पांच फाटकों से निजात मिलेगी। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या समाप्त होने के साथ लोगों को आर्थिक रूप से भी फायदा होगा। बता दें कि शहर में कुरुक्षेत्र से जींद रेल मार्ग पर पांच फाटक लगती है, जिन पर यात्री व मालगाड़ियां अक्सर गुजरती रहती है। ऐसे में इन फाटकों पर जाम के हालात बने रहते हैं, जिनसे निजात दिलाने की मांग लंबे समय से की जाती रही। इसी के चलते ही वर्ष 2016 में लोक निर्माण विभाग की तरफ से झांसा रोड व पिहोवा रोड दोनों जगह फाटकों पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ था।