फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

38 दिन बाद भी प्रशासन रास्ता नहीं निकाल पाया, अब विकल्प रास्ता भी किया बंद

विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। 100 फुटा रोड भूमि मालिक द्वारा लोहे की टीन लगाकर बंद की गई सड़क। - फोटो : Kurukshetra
विज्ञापन
सर्किट हाउस के पास 100 फुटा रोड पर कब्जे के 38 दिन बाद भी जिला प्रशासन कोई बीच का रास्ता नहीं निकाल पाया है। ऐसे में ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए लायंस चौक पर बैरिकेडिंग कर दी, जिससे व्यवस्था बनने की बजाए और बिगड़ गई है। इस चौक पर क्रॉसिंग के बंद होने से वाहन चालकों को ढाई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

दरअसल, जिला प्रशासन ने लायंस चौक पर दोनों कट पर बैरिकेडिंग कर दी है। इस वजह से वाहन चालक इस चौक को क्रॉस नहीं कर पा रहे हैं। इस 10 मीटर के रास्ते को पार करने के लिए उनको करीब ढाई किलोमीटर लंबा सफर तय कर सुंदरपुर ओवरब्रिज से होते हुए ब्रह्मानंद चौक से घूम कर आना-जाना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय 25 अप्रैल को अदालत के आदेश पर जिला प्रशासन ने सर्किट हाउस के सामने कांशीराम को 100 फुटा रोड पर उसकी भूमि का कब्जा दिलाया था। रोड पर कब्जा मिलने के बाद भूमि मालिक ने रोड के दोनों ओर कंटीली तारें लगा दी। ऐसे में रास्ता बंद हो गया, जिस कारण रूट डायवर्ट किया गया। अभी तक लोग या तो गलत दिशा से या फिर दाईं तरफ मुड़कर उमरी रोड से होते हुए राधा स्वामी सत्संग भवन के समीप लायंस चौक से घूमकर वापस 100 फुटा रोड पर चढ़ रहे थे, लेकिन प्रशासन द्वारा अब यहां बेरिकेडिंग कर देने से वाहन चालकों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है। चालकों को चौक क्रॉस करने का रास्ता न मिलने से लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। वहीं कई चालक समय बचाने के चक्कर में गलत दिशा में वाहन लेकर घुस रहे हैं, जिस कारण हादसा होने का डर बना हुआ है।
विज्ञापन

बॉक्स
शासन और प्रशासन के सामने रखा प्रस्ताव
कांशीराम ने बताया कि इस मसले के समाधान के लिए उन्होंने नए बस अड्डे के सामने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की ओर जाने वाले रास्ते पर 242 वर्ग गज के बदले 70 वर्ग गज भूमि देने की मांग रखी थी, मगर उनकी प्रस्ताव पर कोई अमल नहीं किया गया। हालांकि सरकार की वह भूमि वेस्टलैंड है।
बाक्स
यह है मामला
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने वर्ष 2002 में सड़क के लिए जमीन अधिकृत की थी। तब कांशीराम सहित अन्य लोगों ने 22 गुना 99 फुट के प्लॉट पर अपना हक जताया था। हाईकोर्ट ने उक्त जमीन उनको रिलीज कर दी थी। प्रशासन ने एडिशनल सिविल जज के आदेशों का पालन करते हुए तत्कालीन डीआरओ और एचएसवीपी के ईओ को इसके लिए अधिकृत किया था। अधिकारियों को कब्जा दिलवाने के बाद पांच अप्रैल 2021 तक कोर्ट में जवाब देना था। 21 साल कांशीराम को उसका हक मिला गया।
बाक्स
विभाग और प्रशासन के आदेश का इंतजार
एचएसवीपी के ईओ दीपक कुमार ने बताया कि यह मामला विभाग के उच्चाधिकारियों की जानकारी में है। जिला प्रशासन और अधिकारियों के आदेश का इंतजार है तथा उसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
बाक्स
दुर्घटना से बचने के लिए बंद किया रास्ता
यातायात पुलिस उप अधीक्षक रमेश गुलिया ने बताया कि सर्किट हाउस के पास रास्ता बंद होने के कारण वाहन चालक गलत दिशा से चलते हैं, जिस वजह से दुर्घटनाएं भी हो रही थी। इसे रोकने के लिए ही चौक को बंद किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें