मध्य प्रदेश में ज्यूडिशल ऑफिसर एवं न्यायिक अधिकारी के रूप में 22वां रैंक हासिल कर चुकी प्रियंका वर्मा 17 अक्तूबर को हरियाणा कैडर में सिविल जज कम ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के पद पर चयनित हुई हैं। अपनी श्रेणी में चौथे रैंक पर आने वाली प्रियंका वर्मा की माता सुषमा वर्मा पुलिस विभाग में विशेष पुलिस अधिकारी हैं और राष्ट्रपति पुलिस पदक से अलंकृत पिता डॉ. अशोक कुमार वर्मा भी पुलिस विभाग में उप निरीक्षक और अब प्रदेश के एनसीबी के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं।
कुरुक्षेत्र की प्रियंका वर्मा ने महाराणा प्रताप स्कूल से विद्यालय की शिक्षा पूर्ण की और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र विधि संकाय में बीएएलएलबी (होन्स.) में वर्ष 2019 में गोल्ड मेडल प्राप्त किया था। पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से एलएलएम करने के उपरांत वर्ष 2020 में प्रथम प्रयास में यूजीसी नेट जेआरएफ उत्तीर्ण किया।
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इसके साथ ही पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से पीएचडी कर रही हैं। कड़ा परिश्रम और लग्न के साथ दो राज्यों में न्यायाधीश के रूप में चयनित प्रियंका वर्मा का कहना है कि जीवन में सत्य और परिश्रम सफलता की कुंजी हैं।
प्रियंका वर्मा के प्रदेश में सिविल जज कम ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के पद पर चयनित होने पर पिता डॉ. अशोक कुमार वर्मा के पास बधाई का तांता लग गया। पुलिस लाइन कुरुक्षेत्र वासी डॉ. वर्मा ने कहा कि उन्होंने सदैव अपने बच्चों को ईमानदारी और सत्य पर चलने की सीख दी है।