जिला जेल में बंद महिला व पुरुष बंदी पेंटिंग सहित अन्य तरह की हस्तशिल्प कलाकृतियां तैयार कर रहे हैं। ये बंदी फरीदाबाद में अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेला आयोजित किए जाने की संभावना को देखते हुए तैयारियों में जुटे हैं। उनके द्वारा जेल के अंदर ही क्राफ्ट मेले में जेल विभाग की तरफ से लगने वाली स्टॉल के लिए पेंटिंग, लोहे के मुंढे, मिट्टी के बर्तन पर कलाकृतियां व अन्य तरह की हस्तशिल्प कलाकृतियों तैयार की जा रही है। वर्ष 2020 के अंदर आयोजित किए गए सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में मुख्यालय जेल पंचकुला द्वारा एक स्टॉल बुक कराया गया था। इसमें विभिन्न जेलों में बंद बंदियों द्वारा बनाए गए विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसे मेले में आने वाले देशी, विदेशियों एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा काफी सराहा गया था। अब फरवरी माह में अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेला आयोजित किए जाने की संभावना को देखते हुए विभाग द्वारा पुन: जेल विभाग की तरफ से विभिन्न जेलों में बंद बंदियों द्वारा बनाए गए विभिन्न उत्पादों का स्टॉल लगाए जाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इससे न केवल बंदियों की प्रतिभा उभर कर सामने आएगी बल्कि उत्पादों की बिक्री से प्राप्त राजस्व बंदियों के कल्याणार्थ उपयोग में लाया जाएगा और विभाग की गरिमा भी बढ़ेगी। जेल अधीक्षक सोमनाथ जगत ने बताया कि वर्तमान में बंदियों में सुधार एवं पुनर्वास के कार्यक्रमों को प्रोत्साहन देने के लिए जेल में बंद बंदियों की प्रतिभा, कौशल और विशेष योग्यताओं के लिए जेलों में बंद बंदियों की प्रतिभा, कौशल और विशेष योग्यताओं को उपयोग में लाए जाने की आवश्यकता को देखते हुए जेलों के अंदर बंदियों के लिए काफी सुधारात्मक प्रक्रिया अपनाई जा रही है, ताकि बंदी इस तरह के कार्यों में व्यस्त रहे व जेल के अंदर तनावमुक्त जीवन व्यतीत कर सके। सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में दुनिया भर के काफी देश हिस्सा लेते हैं। इस तरह के कार्य में कुशल होने पर यह बंदियों के जेल से रिहाई उपरांत उनके समाज में पुन: स्थापित होने में काफी सहायक सिद्ध होगा।