पंचायत चुनाव के प्रचार-प्रसार थमने के बाद अब जिला प्रशासन ने पोस्टर और बैनर लगाने के लिए एडवाइजरी जारी की है। उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि संबंधित मालिक से लिखित स्वीकृति के बाद ही प्रशासन की ओर से चिन्ह्ति स्थानों पर ही विज्ञापन, पोस्टर, बैनर, होर्डिंग लगाए जा सकते हैं। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार रास्तों पर लगाए गए संकेत चिह्न, दिशा निर्देशक, रेलवे स्टेशन के नोटिस बोर्ड या बस टर्मिनल के नोटिस बोर्ड और चस्पा बोर्डों आदि पर चुनाव प्रचार सामग्री नहीं लगाई जा सकती है। ऐसा करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता, हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट प्रॉपर्टी एक्ट व म्यूनिसिपल लॉ के अनुसार किसी भी निजी या सरकारी संपत्ति पर उसके मालिक की लिखित स्वीकृति के बिना किसी भी प्रकार का पोस्टर, बैनर आदि नहीं लगाया जा सकता । बिना लिखित स्वीकृति के ऐसा करने वाले के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा-425, 426, 427 व 433 आदि और अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा-133 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही ऐसा करने वाले के खिलाफ हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट प्रॉपर्टी एक्ट व म्यूनिसिपल लॉ के तहत भी कार्रवाई हो सकती है।
प्रत्याशियों ने 29 नवंबर से शुरू कर दिया था प्रचार
जानकारी के अनुसार 21 से 28 अक्तूबर तक जिला परिषद सदस्य, ब्लॉक समिति सदस्य, सरपंच व पंच के लिए नामांकन लिए गए थे। प्रत्याशियों को 29 अक्तूबर को चुनाव चिह्न भी अलॉट कर दिए गए थे। नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद ही उन्होंने चुनाव के लिए प्रचार शुरू कर दिया था। हर गांव के चौक-चौराहे से लेकर निजी व सरकारी संस्थानों की दीवारें भी चुनाव सामग्री से पाटी हुई है।