संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। बड़े-बड़े प्लान, सैकड़ों पर्यटकों की आवाजाही और पर्यटन का हब बनाने का दावा, मगर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) का ब्रह्मसरोवर पर 110 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का प्रस्ताव अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाया है। यह स्थिति तब है जब अगले ही माह 25 अक्तूबर को सूर्यग्रहण मेले में लाखों श्रद्धालु ब्रह्मसरोवर जुटेंगे।
इस मेले के लिए प्रशासन और केडीबी पुख्ता इंतजाम का दम भर रहा है। बैठकों का दौर भी चल रहा है, मगर शासन-प्रशासन के लिए ब्रह्मसरोवर महज गीता महोत्सव और सूर्यग्रहण मेले जैसे उत्सवों के लिए अवसरवादी स्थल बन चुका है। अन्य दिनों में ब्रह्मसरोवर की तरफ कोई ध्यान नहीं है।
मौजूदा स्थिति देखें तो ब्रह्मसरोवर की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। आए दिन ब्रह्मसरोवर परिसर में चोरी और छीनाझपटी की घटनाएं होती रहती है। गत माह ही ब्रह्मसरोवर से जलीय जीवों के शिकार के लिए तस्करों द्वारा लगाया गया जाल बरामद हुआ था, मगर इस घटना से भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं था। अब ताजा मामला ब्रह्मसरोवर से तीन माह का एक बच्चा बरामद होने का है, जिसके माता-पिता की तलाश केयूके पुलिस कर रही है।
सुरक्षा के लिहाज यहां पर्यटक पुलिस तो तैनात है, मगर उनके पास पुलिस कर्मियों का टोटा होने के साथ पर्याप्त साधन भी मौजूद नहीं हैं। साढ़े तीन किलोमीटर में फैले इस सरोवर पर गश्त के लिए पर्यटक पुलिस के पास 18-20 कर्मी तैनात है, जिनमें होम गार्ड के जवान भी शामिल है। यह कर्मी शिफ्ट वाइज दिन-रात में ड्यूटी करते हैं।
वहीं गश्त के लिए पर्यटक पुलिस के पास दो स्कूटी तो है, मगर दोनों ही खराब हुए छह महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। इसकी मरम्मत के लिए कई बार गुहार लगाई जा चुकी है। वहीं यह पुलिस बैटरी से चलने वाली जीप से गश्त करती है, लेकिन इससे गश्त करने में वक्त ज्यादा लगता है। जरा सी खराबी होने पर पुलिस कर्मियों को पैदल ही गश्त करनी पड़ती है।
वहीं कुरुक्षेत्र का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल होने के बावजूद ब्रह्मसरोवर तीसरी आंख के पहरे से महरूम है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव और सूर्यग्रहण मेले जैसे बड़े अवसर पर ब्रह्मसरोवर पर 100 से 150 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाते हैं मगर आयोजन समाप्त होते ही कैमरे तुरंत उतार लिए जाते हैं। वहीं ब्रह्मसरोवर पर कई जगह से रेलिंग और सदरियों के छज्जे टूट चुके हैं। कई जगह यह छज्जे जर्जर हो चुके हैं, जो किसी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
तीन सीसीटीवी कैमरे, वो भी खराब
ब्रह्मसरोवर परिसर में मुख्य द्वार के सामने एक सीसीटीवी कैमरा स्थापित किया गया है। परिसर में ही केबीडी कार्यालय के पिछले दरवाजे के पास लाइट वाले पोल पर दो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इन कैमरों के अलावा ब्रह्मसरोवर परिसर में कहीं भी कैमरे नहीं है मगर हैरत की बात तो है कि यह तीनों कैमरे कब से खराब पड़े हैं, इसके बारे में केडीबी को कोई जानकारी नहीं है। इन कैमरे की तार नीचे लटक रही है। कैमरे मात्र दिखावे के लिए ही है।
लगेंगे 110 कैमरे और गश्त के लिए दी जाएगी स्कूटी
केडीबी के संपदा अधिकारी करण सिंह ने बताया कि ब्रह्मसरोवर पर शीघ्र ही 110 कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए टेंडर जारी किया जाएगा। यह कैमरे स्थाई तौर पर ही स्थापित होंगे। इसके अलावा मरम्मत का टेंडर भी जारी होगा। वहीं गश्त के लिए पर्यटक पुलिस की स्कूटी की भी मरम्मत कराई जाएगी।
ब्रह्मसरोवर पर टूटा पड़ा छज्जा। संवाद- फोटो : Kurukshetra