कुरुक्षेत्र। किसानों के रेल रोको आंदोलन के चलते कटिहार से अमृतसर जा रही आम्रपाली एक्सप्रेस के पहिये धर्मनगरी के रेलवे स्टेशन पर थम गए, जहां करीब साढ़े चार घंटे तक सैकड़ों यात्री फंसे रहे। हालांकि रेल रोको अभियान के तहत जिले में किसान रेल लाइनों पर नहीं पहुंचे लेकिन अंबाला से आगे पंजाब क्षेत्र में किसानों द्वारा यह आंदोलन चलाने का यहां पर भी बड़ा असर पड़ा।
रेल यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा तो वहीं आसपास के इलाकों में जाने वाले यात्रियों को बसों का सहारा लेना पड़ा। आम्रपाली एक्सप्रेस धर्मनगरी जंक्शन पर ही सामान्य दिनों की तरह 12 बजकर 32 मिनट पर पहुंच गई तो इसे यहीं पर रोक लिया गया और यह शाम करीब पांच बजे तक थमी रही। इससे अंबाला, चंडीगढ़, अमृतसर, पंजाब व जम्मू कश्मीर की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। यात्री ट्रेन चलने के लिए घंटों इंतजार करते रहे। हालांकि अंबाला व शाहाबाद तक जाने वाले यात्रियों ने यहां से बसों का सहारा लेना ही उचित समझा तो वहीं लंबे रूट के यात्रियों को स्टेशन पर ही अपना समय व्यतीत करना पड़ा। पांच बजे के करीब ट्रेन धर्मनगरी से रवाना हुई जब यात्रियों ने राहत की सांस ली।
अलर्ट मोड पर रहा प्रशासन, जवानों की टिकी रहीं निगाहें
भले ही जिले में किसानों द्वारा रेल रोके जाने का कोई मामला नहीं रहा लेकिन रेलवे व सामान्य प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रहा। सुबह से ही रेलवे स्टेशन पर फायर ब्रिगेड से लेकर एंबुलेंस व अन्य सुरक्षा वाहन तैनात कर दिए गए थे। जीआरपी, आरपीएफ के जवान भी दिनभर अलर्ट रहे। रेलवे अधिकारी भी पल-पल की जानकारी जुटाते रहे।
देरी होने पर बस का लेना पड़ा सहारा
अंबाला के यात्री मुकेश कुमार ने बताया कि ट्रेन रुकने से परेशानी का सामना करना पड़ा। दो घंटे इंतजार करने के बाद बस का सहारा लेना पड़ा। उसे किसी काम के चलते अपने घर जल्द पहुंचना था लेकिन जब यहां ट्रेन रुकी तो पता चला कि चार बजे तक आगे नहीं बढ़ेगी। ऐसे में उन्हें बस का ही सहारा लेना पड़ा।
पांच घंटे तक झेलनी पड़ी परेशानी
महिला यात्री स्वर्ण का कहना था कि वह अपने परिवार सहित अमृतसर जा रही थी लेकिन अचानक कुरुक्षेत्र में ट्रेन रुकी तो हैरान रह गई। अब वे पूरे परिवार को लेकर यहां इंतजार करने को ही मजबूर हैं। उन्हें यह भी कोई नहीं बता रहा कि किस समय तक यहीं पर इंतजार करना होगा। बच्चों के साथ होने पर ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी।
ट्यूकर बार्डर पर डटे रहे किसान व जवान
पिहोवा। पंजाब सीमा से लगते ट्यूकर बार्डर पर किसान व जवान अपने-अपने मोर्चे पर डटे रहे। हालांकि यहां पर किसी प्रकार की विशेष गतिविधि किसानों की ओर से नहीं की गई, लेकिन यहां पर तैनात पुलिस व अर्ध सैनिक बलों के जवान पूरी तरह से पुख्ता बंदोबस्त के साथ अलर्ट मोड पर रहे। हालांकि किसानों ने अन्य दिनों की तरह यहां अपना रोष जाहिर किया।