संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र में मंगलवार को सूर्यग्रहण के अवसर पर दर्शकों के अवलोकनार्थ व्यापक प्रबंध किए गए। सुबह 10.30 बजे केंद्र में सूर्यग्रहण मान्यताएं एवं वैज्ञानिक अवधारणा विषय पर प्रदर्शनी उद्घाटन उपायुक्त शांतनु शर्मा ने किया। उपायुक्त शर्मा ने कहा कि यह प्रदर्शनी समाज में फैले अंधविश्वास को दूर कर जनमानस के समक्ष वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रभावी तरीके से रखने में सक्षम है।
केंद्र के परियोजना समन्वयक सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि इस बार कुरुक्षेत्र में आंशिक सूर्यग्रहण रहा, कुरुक्षेत्र में सूर्यग्रहण का समय 4:25 मिनट पर प्रारंभ हुआ और 5.39 मिनट पर समाप्त होगा। इसका अधिकतर संक्रमण 5.28 मिनट पर रहेगा और कुरुक्षेत्र में सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 1 घंटा 14 मिनट होगी।
उन्होंने बताया कि जब चंद्रमा पृथ्वी एवं सूर्य के मध्य आ जाता है तो चंद्रमा सूर्य को आंशिक या पूर्ण रूप से ढक लेता है। इस खगोलीय घटना को विज्ञान की भाषा में सूर्यग्रहण कहा जाता है। आज दिखाई देने वाला सूर्यग्रहण आंशिक है। साथ ही इस दुर्लभ खगोलीय घटना के अवसर पर दर्शकों को शिक्षित एवं जागरूक करने हेतु केन्द्र ने व्यापक प्रबंध किए।
केंद्र के शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार दास ने बताया कि भागवत पुराण के अनुसार एक बार सूर्यग्रहण के अवसर पर श्रीकृष्ण, बलराम और द्वारका से प्रजाजनों के साथ कुरुक्षेत्र आए थे। इस अवसर पर भारत के मत्स्य, उशीनर, कौशल, विदर्भ, शृंजय, कम्बोज, कैकेय, कुन्ती, अनर्त आदि भारत के अनेक राज्यों के शासक भी आए थे। इसी अवसर पर ब्रज से नन्द और यशोदा भी अन्य गोप-गोपियों संग कुरुक्षेत्र आए थे।
उन्होंने बताया सूर्य, चंद्रमा एवं पृथ्वी की इस स्थिति को नजदीक से देखने हेतु एक सेलेस्ट्रोन के दो टेलीस्कोप केन्द्र के विज्ञान उद्यान में लगाए गए। इसी कड़ी में केंद्र द्वारा प्रचुर संख्या में सूर्य ग्रहण के अवलोकन हेतु विशेष चश्मों का प्रबंध भी किया गया।