मिलर्स की हड़ताल व आढ़तियों के अड़ने के कारण फूल रही अधिकारियों की सांसें
जिले में रविवार को 22 में से दो अनाजमंडियों में ही हो पाई 1630 क्विंटल धान की खरीद
थानेसर अनाजमंडी में जगह नहीं होने से अब ब्रह्मसरोवर के वीवीआईपी घाट तक लगी अस्थायी अनाजमंडियां
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। मौसम साफ होने के बाद धान की कटाई तेज हो गई है। अनामंडियां धान से अटने लगी है लेकिन मिलर्स की हड़ताल व आढ़तियों के मांगों पर अड़ने के कारण अधिकारियों की सांसें फूली हुई है। थानेसर अनाजमंडी के धान से अटने के बाद अब ब्रह्मसरोवर के वीवीआईपी घाट तक धान फैला हुआ है, जिससे यहां पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान सड़कों पर धान डालने को मजबूर हो रहे हैं और ये हालात कब तक रहेंगे, इसका जवाब किसी अधिकारी के पास नहीं है।
जानकारी के अनुसार रविवार को जिला की 22 में से महज इस्माईलाबाद व मलिकपुर की मंडियों में ही मात्र 1630 क्विंटल धान की खरीद की जा सकी जबकि मंडियों में आवक लगातार जारी है। आवक बढ़ने व खरीद एवं उठान न होने से हालात बिगड़ने लगे हैं। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
जिला में अब तक हुई 32 180 क्विंटल की खरीद
जिले भर की 22 अनाजमंडियों में से अब तक महज छह मंडियों में खरीद शुरू की जा सकी है। रविवार को तो दो मंडियों में ही खरीद की गई। पशोपेश में फंसे अधिकारी रविवार को न छुट्टी कर पाए और न ही उम्मीद अनुसार खरीद कर पाए। 27 सितंबर से शुरू हुई खरीद से लेकर तीसरे दिन रविवार तक महज 32180 क्विंटल धान ही खरीदी जा सकी है जबकि लाखों क्विंटल धान अनाज मंडियों में पहुंच चुका है। थानेसर अनाजमंडी में ही पीआर किस्म का करीब 70 हजार क्विंटल धान आया हुआ है जबकि अन्य मंडियों में इससे भी ज्यादा धान पहुंच चुका है। बारिश के चलते भीगी धान को सुखाने की भी किसानों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
खरीद न होने से किसानों का गुस्सा फूटा, जताया रोष
इस्माईलाबाद। धान की खरीद सुचारू न होने पर गुस्साए किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन कर सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसान कमल, सतपाल, गुरदेव, गुरलाल सिंह आदि ने कहा कि सरकारी अधिकारी खरीद से बचने के लिए धान में नमी की अधिक मात्रा बता कर सरकार को गुमराह करने का काम कर रहे हैं जबकि उनकी धान में नमी की मात्रा 13 से 14 प्रतिशत है और सरकारी मापदंडों के अनुसार 17 प्रतिशत नमी वाली धान खरीद सकते हैं। अधिकारी दफ्तरों में बैठक कर केवल अंदाज लगा सरकार व किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं और नमी अधिक बता कर खरीद से पल्ला झाड़ रहे हैं।
किए जा रहे खरीद तेज करने के प्रयास : सैनी
जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक सुरेंद्र सैनी का कहना है कि धान खरीद 27 सितंबर से शुरू की जा चुकी है। मिलर्स व आढ़तियों की मांगों के चलते खरीद सुचारू नहीं हो पा रही लेकिन सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है सोमवार से ही असर दिखाई देने लगेगा।