पिहोवा। सोमवार को हुई बारिश से अनाजमंडियों में आया लाखों रुपये का धान भीग गया, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बारिश में धान भीग जाने के पीछे प्रशासन की लापरवाही ही मानी जा रही है, जो न खरीद और उठान तेज करवा पाया है। किसानों का कहना है कि पहले धान रोपाई के दौरान नुकसान हुआ तो अब कटाई के दौरान फिर मार पड़ी है।
अनाजमंडी में फसल आने के बावजूद भी भीग गई, ऐसे में कौन जिम्मेदार होगा। किसानों ने कहा कि मंडी में धान की देखभाल के लिए सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं है। वहीं आढ़तियों का कहना है कि उठान का काम ढीला है। गेट पास समय पर नहीं कट रहे हैं।अचानक आई बारिश के कारण मंडी में पानी एकत्रित हो गया है और धान पूरी तरह भीग गया है। मार्केट कमेटी की लापरवाही के चलते भारी संख्या में बेसहारा पशु मंडी में घूम रहे हैं और धान को खा रहे हैं तथा बोरियों को गिराकर धान को इधर-उधर बिखरा देते हैं।
पिहोवा। अनाज मंडी में बरसात में भीगीं धान की भरी बोरियां।