दिन-रात एक कर खून पसीने से अपनी फसल करने के बाद भी अन्नदाता किसान को फसल बेचने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसान गुरनीत, राम कुमार व नरेश ने कहा कि किसानों के लिए समस्या पैदा हो गई है कि वह अपनी धन को लेकर जाएं तो कहां जाएं। उन्हें अपनी धान को मंडियों में बेचने के लिए दिन रात पहरेदारी करनी पड़ रही है, लेकिन फिर भी उसका धान नहीं बिक रहा है। किसान कुलवंत बरहान ने कहा कि 3 दिन पहले मंडी में धान लेकर आए थे, लेकिन धान में नमी बताकर खरीद नहीं की जा रही है। रात को बरसात होने से उसकी धान गीली हो गई, जिसे वह अपने ट्राली में लेकर अपने घर ले जाने को मजबूर है और उन्हें उसके लिए दोगुनी मजदूरी देनी पड़ रही है। वहीं गन्ना संघर्ष समिति सदस्य जसबीर जैनपुर ने कहा कि सरकार किसान के सब्र का इम्तिहान ले रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों की धान की इसी तरह सड़कों पर बेकद्री होती रही तो किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएगा। सरकार को जल्द से जल्द किसानों की समस्या का समाधान कर उनकी धान को खरीदना चाहिए। मार्केट कमेटी सचिव अखिलेश शर्मा ने कहा कि जिन लोगों को पोर्टल व गेट पास में दिक्कत आ रही है वह किसान कमेटी कार्यालय में आकर अपनी समस्या का समाधान करवा सकते हैं।