संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। जिले में ओवरलोड वाहन न केवल सड़कों को तोड़ रहे है बल्कि लोगों के जीवन के लिए भी खतरा बने हैं। इनके वजन का न कोई मापदंड है और न ही गति की कोई सीमा। आरोप है कि पुलिस प्रशासन व आएटी की नजरें इनायत होने से ओवरलोड वाहन शहर से लेकर नेशनल हाईवे तक बेखौफ होकर दौड़ रहे हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ भी बढ़ रहा है साथ ही शहर की सड़कें भी टूट रही है।
थानेसर रेलवे स्टेशन के पास शनिवार को ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राली नवनिर्मित सड़क पर धंस गई। ट्राली में तूड़ी भरी थी, जो आदमपुर (हिसार) से चलकर पिपली लाडवा रोड पर किसी मिल में जा रही थी। सड़क पर ट्राली फंस जाने के कारण जाम लग गया था। तब इस लाइन में चल रहे अन्य वाहनों को दूसरी लाइन से निकलना पड़ा था। बातचीत में चालक ने बताया कि उनके साथी पीछे ही आ रहे हैं और उनकी मदद से ट्रैक्टर को बाहर निकाला जाएगा।
खास बात यह है कि हर माह होने वाली रोड सेफ्टी की बैठक में ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए जाते है और कार्रवाई के नाम पर जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जाता है। वहीं रोड सेफ्टी बैठक में ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की समीक्षा भी होती है। इसके ाद जिला पुलिस की ओर से हर माह नाइट डोमिनेशन अभियान भी चलाया जाता है। बावजूद इस सब कार्रवाई का उन पर कोई प्रभाव दिखाई नहीं पड़ता है।
शहर में थर्ड गेट, देवीलाल चौक, विश्वकर्मा चौक, मोहन नगर चौक और गीता द्वार पिपली पर पुलिस बूथ हैं। इसके बावजूद ओवरलोड वाहन बड़ी आसानी से शहर से हाईवे तक पहुंच रहे हैं। जिला प्रशासन ने रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक भारी वाहनों को शहर से निकलने का समय निर्धारित कर रखा है। वहीं शाम ढलते ही ओवरलोड वाहन अपने गंतव्य की ओर बढ़ना शुरू हो जाते हैं। ओवरलोडिंग के कारण इन वाहनों के टायर भी नजर नहीं आते हैं और ऊंचाई भी दोगुनी से अधिक होती हैं, जो शहर में बिजली की तारों को छू निकलते है। कई बार इसके चपेट में आने से तार टूट भी जाते है।
बगैर नंबर के भी चल रहे वाहन
अधिकतर ओवरलोड वाहनों पर रिफ्लेक्टर नहीं लगा होता है। इससे रात के समय यह नजर नहीं आते हैं। कई वाहनों तो बगैर नंबर के ही चल रहे हैं। रात को इन वाहनों के चालक हेडलाइट बंद करके चलते हैं। सामने से वाहन आता तो अचानक डिपर देते हैं, जिससे अचानक आंखों में लाइट पड़ने से चालक विचलित हो जाता है और दुर्घटनाएं होती है।
जून में वसूला एक करोड़ का जुर्माना
आटीए के अनुसार जून माह में 265 ओवरलोड वाहनों के चालान किए हैं। इनो एक करोड़ 11 लाख 45 हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूल गया है, मगर फिर भी ओवरलोडिड वाहन धड़ल्ले से सरपट दौड़ रहे हैं।
ओवरलोडिंग बर्दाश्त नहीं किए जाएगी। ओवरलोडिंग रोकने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिए जाएंगे। ओवरलोड वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी। - अखिल पिलानी, अतिरिक्त उपायुक्त कुरुक्षेत्र।
रात के समय सड़क से गुजरती ओवरलोड ट्रैक्टर ट्राली। संवाद- फोटो : Kurukshetra