कुरुक्षेत्र। जिले की अनाज मंडियों में धान का उठान धीमा है। इससे किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है। मंडियों और आसपास खुले में 1 लाख 98 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान पड़ा है। मंडियां धान से भरी हैं, सड़कों पर भी ढेर लगे हैं। मौसम बदलने और बारिश की संभावना ने परेशानी और बढ़ा दी है। बारिश होने पर खुले में पड़ा धान भीग सकता है। इससे किसानों और आढ़तियों को भारी नुकसान होगा। धान को बारिश से बचाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। धान की आवक जारी है पर उठान तेज नहीं हो पा रहा है। किसान और आढ़ती जल्द उठान की मांग कर रहे हैं।