कुरुक्षेत्र। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से चल रहे एनीमिया मुक्त हरियाणा अभियान के दूसरे दिन जिले में 80 जगह पर शिविर लगाए गए। बुधवार को 1879 लोगों के रक्त की जांच की गई। इसमें 939 लोगों को उपचार के लिए भेजा गया, जबकि 33 लोगों को सात ग्राम से कम रक्त होने पर एलएनजेपी अस्पताल रेफर किया गया। यह अभियान 100 दिन तक चलेगा, जिसमें सरकारी अस्पतालों में आने वाले लोगों के रक्त के नमूने लेकर उनकी जांच की जाएगी। 176 गर्भवतियों की हुई जांच में केवल एक ही गंभीर एनीमिया से ग्रस्त मिले, जिसे अस्पताल रेफर किया गया है। हालांकि माइल्ड और मॉडरेट वर्ग में 105 को उपचार दिया गया है।
जिला नोडल अधिकारी डॉ. मनीषा ने बताया कि दूसरे दिन पहले वर्ग में छह से 59 माह तक के 339 बच्चे, दूसरे में पांच से नौ साल तक के 195 बच्चे, तीसरे में 10 से 19 साल वर्ग में 313 युवा, चौथे में डब्ल्यूआरए वर्ग में 450 महिलाएं, पांचवें में 176 गर्भवती, छठे में स्तनपान कराने वाली 150 और अन्य वर्ग में 256 लोगों की रक्त जांच की गई। इसमें पहले वर्ग में कुल सात बच्चे, दूसरे में छह, तीसरे में तीन, चौथे में 10, पांचवें में एक तथा अन्य वर्ग में तीन सहित कुल 30 लोग गंभीर एनीमिया से ग्रस्त मिले। इनमें महिलाओं की संख्या सबसे अधिक 25 है।
बताया कि माइल्ड (हल्का एनीमिया) वर्ग में 368 महिलाएं, 148 पुरुष, मॉडरेट (सात से 9.9 ग्राम रक्त वाले) वर्ग में 368 महिलाएं तथा 140 पुरुष शामिल है। इसके अलावा 266 पुरुषों और 559 महिलाओं में एनीमिया नहीं पाया गया। कम और मध्यम स्तर के एनीमिया से ग्रस्त 939 लोगों को उपचार के लिए भेजा गया। साथ ही 33 गंभीर एनीमिया के रोगियों को एलएनजेपी रेफर किया गया है। विभाग की ओर से पूरे 100 दिन यह अभियान जारी रहेगा।