कुरुक्षेत्र। निर्वाचन आयोग की हिदायतों अनुसार लोकसभा चुनाव में मतदान के दौरान कोई भी मतदाता अपनी पहचान के लिए मतदाता पहचान पत्र के अलावा अन्य प्रमाणपत्रों का भी दिखा सकता है लेकिन उसका नाम सूची में दर्ज होना चाहिए। मतदाताओं को जारी किए जाने वाले वोटर स्लीप का प्रयोग केवल मतदाताओं की जानकारी के लिए किया जाएगा उसे पहचान के रूप में नहीं माना जाएगा। मतदाता को चुनाव आयोग की हिदायत अनुसार पहचान पत्रों में से किसी एक को अपनी पहचान के लिए दिखाना जरूरी होगा। ये जानकारी सामान्य आब्जर्वर डाॅ. माधवी खोड़े चवरे ने दी। वे सोमवार को लघु सचिवालय के चौथे तल पर जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा बनाए गए एमसीएमसी कक्ष का औचक निरीक्षण करने के उपरांत आवश्यक दिशा-निर्देश दे रही थी।
इससे पहले सामान्य आब्जर्वर डा. माधवी खोड़े चवरे, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त शांतनु शर्मा, नगराधीश रमन गुप्ता, चुनाव तहसीलदार सरला कौशिक ने एमसीएमसी कक्ष, टोल फ्री नंबर 1950, सी-विजिल कक्ष, एक्सपेंडिचर रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने एमसीएमसी कक्ष के बारे में संबंधित अधिकारियों से फीडबैक ली और एमसीएमसी कक्ष में किस प्रकार कार्य किया जा रहा है, इसके बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की। उन्होंने कुछ आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सामान्य आब्र्जवर ने कहा कि मतदान के दौरान मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, किसी भी बैंक/डाकघर की ओर से फोटो सहित जारी पास बुक, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्रीय/राज्य/पीएसयू/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए पहचान पत्र, पैन कार्ड, पासपोर्ट, फोटो लगी पैंशन बुक, स्मार्ट कार्ड, श्रम मंत्रालय की ओर से स्कीम के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, एमपी/एमएलए/एमएलसी को जारी कार्यालय पहचान पत्र आदि को मतदाता अपनी पहचान के लिए दिखा सकता है, इसके लिए उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज होना भी अनिवार्य होना चाहिए।