एनआइटी कुरुक्षेत्र तैयार करेगा रिटेनिंग वॉल का डिजाइन, पिपली से झांसा रोड तक चार फेज में बनेगी वॉल
सेवा सिंह
कुरुक्षेत्र। आस्था की प्रतीक सरस्वती नदी भविष्य में अधिक बारिश होने के बावजूद भी कहर नहीं बरपा पाएगी। इसका पानी ओवरफ्लो होकर भी आबादी में नहीं घुस सकेगा। इसे रोकने के लिए करीब 10 से 12 फीट उंची रिटेनिंग वाॅल खड़ी की जाएगी। चार फेज में बनाई जाने वाली इस रिटेनिंग वाल पर करीब 27 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रदेश सरकार ने न केवल बजट मंजूर कर लिया है बल्कि वॉल का डिजाइन तैयार करने के लिए एनआईटी कुरुक्षेत्र को जिम्मा भी सौंप दिया गया है।
हालांकि आगामी बारिश के सीजन तक यह रिटेनिंग वॉल संभव नहीं होगी, लेकिन भविष्य में इसका सरस्वती नदी के आसपास रहने वाले लोगों को बड़ा फायदा होगा। अगले कुछ दिनों बाद इस रिटेनिंग वॉल का निर्माण शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। रिटेनिंग वॉल बनने से जहां पानी ओवरफ्लो होने से रुकेगा वहीं सरस्वती नदी की क्षमता भी 450 क्यूसेक तक बढ़ जाएगी। वर्तमान में यह क्षमता 200 क्यूसिक ही है। रिटेनिंग वॉल बनने से सरस्वती के तटों के आसपास भविष्य में किए जाने वाले अतिक्रमण पर भी अंकुश लग सकेगा तो वहीं लोगों को भी बाढ़ के भय व किसी हादसे की आशंका से बड़ी राहत मिलेगी।
इस तरह बनाई जाएगी रिटेनिंग वॉल
सरस्वती नदी पिपली से लेकर झांसा रोड तक आबादी एरिया के बीचोंबीच से बह रही है। ऐसे में रिटेनिंग वॉल पिपली में बुर्जी नंबर 207 से शुरू होगी और करीब दो किलोमीटर एरिया में पिपली से हरिनगर तक यह वॉल दोनों तरफ बनाई जाएगी। वहीं खेड़ी मारकंडा से झांसा रोड तक एक ओर पांच किलोमीटर लंबी यह वॉल बनाए जाने की योजना बनाई गई है।
जल्द निर्माण शुरू किए जाने के प्रयास : अरविंद कौशिक
सरस्वती हेरिटेज बोर्ड एक्सईएन अरविंद कौशिक का कहना है कि रिटेनिंग वॉल का निर्माण जल्द शुरू किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। डिजाइन का जिम्मा एनआईटी कुरुक्षेत्र को सौंपा जा चुका है। यह वॉल बनने के बाद जहां सरस्वती नदी संरक्षित होगी वहीं आसपास के लोगों को भी पानी ओवरफ्लो होने का भय नहीं रहेगा। जहां एक ओर नदी के साथ नाला बना हुआ है, वहां एक ओर ही यह वॉल बनाई जाएगी।