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Kurukshetra News: अब लटकन व झूमर बढ़ाएंगे लोगों के घरों की रौनक, महिलाएं दिखा रहीं हाथ का हुनर

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कुरुक्षेत्र। लटकन व झूमर लोगों के घरों की सुंदरता बढ़ाएंगे। इसके लिए स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अपने हाथ का हुनर दिखा रही है, जो कि दिवाली पर्व नजदीक होने के चलते अभी से सजावटी सामान तैयार करने में जुटी हैं। इन महिलाओं की ओर से तैयार किए गए सामान की जहां काफी मांग बढ़ने लगी है तो वहीं लोग भी तैयार सामान की सुंदरता को देख महिलाओं की सराहना करते नहीं थकते। यही नहीं इस तैयार किए गए सामान को दिवाली पर्व पर बाजार में उतारने की तैयारी भी की जा रही है। इन महिलाओं की ओर से तैयार किए गए लटकन व झूमर जहां काफी पसंद किए जा रहे हैं तो वहीं नन्हे कान्हा के लिए तैयार किए जा रहे सर्दियों के कपड़े भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं साथ ही घर के दरवाजे पर लगाई जाने वाली बंदरवाल भी काफी सराहना बटोर रही हैं। दिवाली पर्व को लेकर महिलाएं दिनरात एक कर सजावटी सामान को तैयार कर रही है, जिससे जहां उन्हें रोजगार मिल रहा है तो वहीं वे आत्मनिर्भर बनकर अपने सपनों को साकार कर रही हैं।
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दिवाली पर्व पर सजावटी सामान की काफी मांग : सत्या देवी
सत्या देवी का कहना है कि दिवाली के त्योहार पर सजावटी सामान की काफी मांग होती है, इसलिए इस बार स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के साथ लटकन, झूमर के अलावा कई तरह के सजावटी सामान तैयार किए जा रहे हैं। इन सामानों को देख हर कोई सराहना भी कर रहा है। यह पहली बार होगा कि दिवाली पर महिलाओं ने सजावटी सामान तैयार किया है।



पिछले 15 दिनों से तैयार किया जा रहा सामान : सोनम
सोनम ने बताया कि दिवाली पर्व के लिए सजावटी सामान तैयार किया जा रहा है। इसके लिए महिलाएं पिछले 15 दिनों से लगी हुई हैं। इससे जहां महिलाओं को रोजगार मिल रहा है तो वहीं आमदनी होने पर घर में सम्मान भी मिलता है। महिलाएं आत्मनिर्भर होकर काम कर रही हैं, जिससे उन्हें समाज में सम्मान भी मिल रहा है।
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50 से दो हजार रुपये के झूमर किए जा रहे तैयार : बाला देवी
बाला देवी ने कहा कि सजावटी सामान में लटकन 50 रुपये से लेकर 500 और झूमर 50 रुपये से लेकर दो हजार तक के बनाए जा रहे हैं। इसके लिए सात के करीब महिलाएं काम कर रही हैं। इससे जहां महिलाओं की रोजी रोटी चल रही है तो वहीं महिलाएं अपने बच्चों को भी अच्छे स्कूल में पढ़ा पा रही हैं। अब महिलाएं पहले से काफी ज्यादा सक्षम हो रही हैं।




महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर : गौरव कुमार
खंड कार्यक्रम अधिकारी गौरव कुमार का कहना है कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह बनाए गए है। महिलाएं इन समूहों में जुड़कर काम करती हैं, जिससे उन्हें आमदनी तो होती ही है साथ ही वे स्वयं पर निर्भर होकर समाज में सम्मान पा रही हैं। महिलाओं को रोजगार मिलने से कई महिलाएं लखपति दीदी भी बन चुकी हैं।
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