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अब न कोई प्रधान न सदस्य, हर कोई संगत

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गुरुद्वारा छठी पातशाही में पत्रकारों से चर्चा करते हुए जगदीश सिंह झींडा। - फोटो : Kurukshetra
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एचएसजीपीसी के अध्यक्ष रहे जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि अपने आप को हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी का प्रधान होने का दावा करने वाले बलजीत सिंह दादूवाल पूरी तरह से दागदार है। अकाल तख्त ने उन्हें बुलाया तो वे कोई जवाब नहीं दे पाएंगे। वे वीरवार को गुरुद्वारा छठी पातशाही में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दूसरों पर लांछन लगाने से पहले खुद के गिरेबां में भी देख लेना चाहिए। अगर उन्हें अकाल तख्त ने बुलाया तो बख्शा नहीं जाएगा।
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झींडा ने कहा कि संगत के सहयोग और संघर्ष से ही हरियाणा की कमेटी बनी है। उन्होंने कहा कि 23 अक्तूबर को होने वाले संगत सम्मान समागम को लेकर भी भ्रम फैलाया जा रहा है। ये समागम जोरशोर से किया जाएगा, इसमें संगत को भी भाग लेना चाहिए। जिस संगत ने इतना संघर्ष किया है, उन्हें सम्मानित किया जाना हमारा दायित्व है। इस समागम में संगत को पूरे मामले पर विचार भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका मकसद कभी भी प्रधान बनना नहीं रहा है। इतना बड़ा आंदोलन संगत के साथ मिलकर अलग कमेटी के लिए चलाया गया था। यह आंदोलन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सफल हुआ है। यह संगत की ही जीत है।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका हो सकती है साजिश
झींडा ने कहा कि एसजीपीपी की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आए फैसले पर पुर्न विचार याचिका दायर की गई है, इसके पीछे उन्हें साजिश की आशंका है। उन्हें यह भी यकीन है कि इस याचिका का एसजीपीसी को कोई फायदा होने वाला नहीं है।
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प्रदेश सरकार के फैसले का स्वागत
झींडा ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से एचएसजीपीसी को लेकर किए जाने वाले हर फैसले का स्वागत है। गत दिवस सरकार की ओर से एडहॉक कमेटी रद्द कर दी गई है। अब न कोई प्रधान है और न ही सदस्य है। हर कोई संगत ही है। अब संगत फैसला करेगी कि गुुरुघरों की सेवा किसे सौंपी जानी है। इसमें भी सरकार आगे जो निर्णय लेगी उसका स्वागत किया जाएगा।
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