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Kurukshetra News: अब बीमारियों की बाढ़, बढ़ा मरीजों का ग्राफ

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कुरुक्षेत्र। बाढ़ से जहां करोड़ों का नुकसान हुआ है वहीं यह कई बीमारियां भी लेकर आई। अब बाढ़ का पानी उतरने के बाद इन बीमारियों का असर दिखाई देने लगा है। अभी तक बुखार के 720, स्किन के 492 मामले सामने आ चुके हैं जबकि उल्टी-दस्त व अन्य प्रकार की बीमारी के मरीजों का भी ग्राफ बढ़ रहा है। ऐसे में इन पर नियंत्रण पाना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।
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स्वास्थ्य विभाग का भी अब वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम पर पूरा फोकस है। पहले चरण में स्वास्थ्य विभाग के प्रयास पानी जनित रोगों को रोकने में कामयाब रहे। वहीं अब दूसरे चरण में वेक्टर जनित रोगों को रोकने के लिए विभाग की परीक्षा होगी। अभी तक राहत की बात है कि अभी तक जिले में वेक्टर जनित मलेरिया, डेंगू, जापानी बुखार और चिकनगुनिया का कोई केस नहीं है। वहीं पानी जनित रोग के भी कोई गंभीर मामले सामने नहीं आए हैं। विभाग वेक्टर और पानी जनित रोग की रोकथाम के लिए अभियान चलाए हुए हैं, मगर मच्छरों की भरमार विभाग के लिए सिर दर्द बनी हुई है।
बाढ़ प्रभावित 131 गांवों 10262 लोगों की जांच कर चुकी टीमें
अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ और बारिश प्रभावित तकरीबन 131 गांव और इलाके में 10262 लोगों की जांच कर चुकी हैं। इनमें बुखार के 720, स्किन के 492, स्नेक बाइट के चार, आंखों में जलन के पांच सहित अन्य डायरिया, पेट दर्द और उल्टी के मामले सामने आए। हालांकि बाढ़ के पानी में डूबने से आठ लोगों की मौत भी हो चुकी है। विभाग ने जिले भर में पानी के 1127 ओटी और 120 बीटी सैंपल लिए हैं। इनमें ओटी के 527 और बीटी के 53 सैंपल फेल हुए।
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फॉगिंग और छिड़काव पर फोकस
विभाग वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए फॉगिंग और छिड़काव पर फोकस किए है। विभाग का फोकस उन स्थानों पर है, जहां बारिश और बाढ़ का पानी रुका हुआ है। उन स्थानों पर विभाग की टीमें लार्वा नष्ट करने के लिए फॉगिंग और दवा का छिड़काव कर रही है। वहीं इन इलाकों में खून के सैंपल लेकर स्लाइड बनाई जा रही है। सोमवार को विभाग ने छह जगह पर शिविर लगा और घर-घर जाकर 114 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। इसमें 12 लोग बुखार, 10 स्किन और 92 अन्य रोग से पीड़ित पाए गए।




विभाग का फोकस उन जगहों पर है, जहां अभी पानी जमा है। उन स्थानों पर छिड़काव किया जा रहा है ताकि मच्छर के लारवा को नष्ट किया जा सकें। सोमवार को टीम ने चार जगहों पर छिड़काव के साथ फॉगिंग कराई। अभी पानी और मच्छरों के फैलने वाले गंभीर रोग का कोई मामला जिले में सामने नहीं आया है।
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डॉ. कृष्ण दत्त जिला बाढ़ प्रबंधन अधिकारी
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