कुरुक्षेत्र। पशुपालन विभाग के एसडीओ जसबीर सिंह पंवार। संवाद
कुरुक्षेत्र। मादा पशुओं को ब्रूसेला बीमारी से निजात मिल सके, इसके लिए अब पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। इसके चलते अब जिले भर की चार हजार मादा पशुओं को ब्रुसेलोसिस के टीके लगाए जाएंगे। विभाग की ओर से 49 टीमों को इसके लिए मैदान में उतारा गया है, जिनमें 40 डॉक्टरों की निगरानी में 110 के करीब कर्मचारी चार से आठ महीने की मादा पशुओं का टीकाकरण करेंगे। इन टीमों में 49 पशु चिकित्सालय और 71 डिस्पेंसरियों के कर्मचारी शामिल रहेंगे। यह टीमें जिले भर में मादा पशुओं का टीकाकरण कर उन्हें टैग तो लगाएंगी ही साथ ही भारत पशुधन ऐप पर उन पशुओं का टैग नंबर के साथ अन्य जानकारियां भी दर्ज करेंगी, जिससे टीकाकरण हो चुके मादा पशुओं का आसानी से पता लगाया जा सकेगा।
इसके लिए जिला पशुपालन विभाग की ओर से सोमवार से टीकाकरण शुरू किया जाएगा, जो कि 30 जून तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। मादा पशुओं में जीवन में एक बार यह टीकाकरण होता है, जो कि चार से आठ महीने की उम्र की मादा कटड़ियों और बछड़ियों को लगाया जाता है। यह बीमारी मादा पशुओं में न फैले इसके लिए नजदीकी पशु चिकित्सालय में भी निशुल्क टीकाकरण कराया जा सकता है।
क्या है ब्रूसेला बीमारी
ब्रूसेला बीमारी मादा पशुओं में फैलने वाला रोग है, जो कि दूध के माध्यम से इंसानों में भी फैलने के आसार रहते हैं। ब्रूसेला बीमारी मादा पशुओं में गर्भपात करता है। यह महामारी न सिर्फ पशुओं में बल्कि बीमार पशुओं का दूध पीने से इंसानों में भी आसानी से फैल सकती हैं, जिससे व्यक्ति को कई दिनों तक बुखार रहने और जोड़ों में दर्द होने की समस्या आ सकती हैं।
टीकाकरण चार से आठ माह की मादा पशुओं का किया जा रहा : जसबीर सिंह
पशुपालन विभाग के एसडीओ जसबीर सिंह पंवार का कहना है कि जिलेभर में चार हजार मादा पशुओं का ब्रुसेलोसिस टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए 150 के करीब कर्मचारियों की ड्यूटियां टीकाकरण में लगाई गई हैं। यह टीकाकरण चार से आठ माह की मादा पशुओं का किया जा रहा है, ताकि भविष्य में मादा पशुओं का गर्भपात होने से रोका जा सके। मादा पशुओं से इंसान में भी इस बीमारी के फैलने का खतरा होता है, इसलिए इस बीमारी का टीकाकरण जरूर करवाना चाहिए। इसके लिए विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध है।