गांव धनौरा जट्टान के 20 वर्षीय नितिन की हंगरी में 38 दिन पहले ही मौत हो चुकी थी। रविवार को नितिन का शव उसके पैतृक गांव पहुंचा। यहां परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार किया। इस मामले में परिजनों ने खारवां (यमुनानगर) वासी पिता-पुत्र सुखविंद्र सिंह, कुलबीर सिंह व उनके पार्टनर सतवंत संधू पर नितिन की हत्या का आरोप लगाया। लाडवा पुलिस ने मानव तस्करी कर 12 लाख रुपये ऐंठने के आरोप में एक सुखविंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को अदालत के आदेश से कारागार भेज दिया गया।
सुखबीर सिंह वासी धनौरा जट्टान ने थाना लाडवा पुलिस को एजेंट सुखविंद्र सिंह, उसके बेटे कुलबीर सिंह व सतवंत संधू के खिलाफ 30 सितंबर को दी शिकायत में आरोप लगाते हुए बताया था कि आरोपियों ने उसके बेटे नितिन को 12 लाख रुपये में ऑस्ट्रिया भेजने का आश्वासन दिया था। आरोपियों ने अलग-अलग तारीख में 6.49 लाख रुपये लेकर उसके बेटे को दुबई, सर्बिया और यहां से हंगरी भेज दिया था। 24 अगस्त को उसके पास कुलबीर ने फोन कर बताया कि नितिन उसके पास हंगरी में है और पांच लाख उसके पिता को देने की धमकी दी थी। आरोपी ने आश्वासन दिया कि उसके बाद उसके बेटे को ऑस्ट्रिया भेज देंगे, मगर पैसे लेने के बाद आरोपियों ने फोन बंद कर दिया था। बेटे से उसकी बात नहीं हुई तो उसके पुर्तगाल में रह रहे अपने भतीजे अमन को नितिन की तलाश के लिए हंगरी भेजा था। यहां अमन ने उसे बताया कि आरोपियों ने नितिन की हत्या कर दी है। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी सुखविंद्र सिंह को गिरफ्तार कर कारागार भेज दिया।
थाना लाडवा प्रभारी सत नारायण ने बताया कि 26 अगस्त को हंगरी में नितिन की मौत हो चुकी थी, मगर उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी। उसके चचेरे भाई अमन ने हंगरी जाकर नितिन की मौत की सूचना परिजनों को दी थी। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के अनुसार नितिन की मौत दम घुटने (सफोकेशन) से हुई है। पुलिस ने एक आरोपी एजेंट सुखविंद्र को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।