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Kurukshetra News: इसरो अध्यक्ष समेत देश के नौ वैज्ञानिकों को मिलेगा कुवि का प्रतिष्ठित गोयल पुरस्कार

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कुरुक्षेत्र। वैज्ञानिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए कुरुक्षेत्र विवि की ओर से दिया जाने वाला अति प्रतिष्ठित गोयल पुरस्कार इस वर्ष इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ सहित नौ वैज्ञानिकों को दिया जाएगा। इसमें एस. सोमनाथ को गोयल शांति पुरस्कार और आठ वैज्ञानिकों को गोयल पुरस्कार और राजीब गोयल पुरस्कार से नवाजा जाएगा। अप्रैल माह में होने वाले इस सम्मान समारोह के लिए विवि की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। वर्ष 1992 से अब तक 100 से अधिक वैज्ञानिकों को गोयल पुरस्कार दिया जा चुका है।
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गोयल पुरस्कार कमेटी के सह अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह के मुताबिक, यह पुरस्कार एप्लाइड साइंस, लाइफ साइंस, कैमिकल साइंस और फिजिकल साइंस में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिकों को दिया जाता है। इसमें चार राजीब गोयल पुरस्कार हैं, जो 45 वर्ष से कम के युवा वैज्ञानिकों को सम्मानित दिया जाता है और चार गोयल पुरस्कार और एक गोयल शांति पुरस्कार दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस बार इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ को चंद्रयान और भारत स्पेस में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए गोयल शांति पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
गोयल शांति पुरस्कार की शुरुआत राम एस गोयल के स्वर्गवास होने के बाद 2010 में की गई थी। इसमें दो लाख की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जबकि गोयल पुरस्कार की शुरुआत 1992 में और राजीब गोयल पुरस्कार की शुरुआत वर्ष-2000 में की गई थी। डॉ. सिंह का कहना है कि गोयल पुरस्कार के वितरण को निरंतर रखने का जिम्मा वर्ष 2000 में कुवि को सौंपा गया। विवि के साथ एमओयू हुआ कि प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को गोयल पुरस्कार वितरित करने का कार्य कुलपति की अध्यक्षता में गठित टीम करेगी और वित्तीय सहायता गोयल परिवार द्वारा की जा रही है। विदित हो कि सबसे पहले 14 फरवरी 1992 को देश के महान चार वैज्ञानिकों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिसमें पद्म विभूषण महिला वैज्ञानिक डाॅ. आशिमा चटर्जी शामिल रहीं, जोकि सफल ऑर्गेनिक केमिस्ट होने के साथ भारत में डॉक्टरेट ऑफ साइंस की उपाधि पाने वाली पहली महिला हैं। इसके अलावा पद्म विभूषण डाॅ. ओबैद सिद्द, जिन्हें तंत्रिका आनुवांशिकी में शोध के लिए जाना जाता है। पद्म विभूषण जयंत नार्लीकर खगोल भौतिकीविद् और हिंदी के प्रतिष्ठित साहित्यकार डाॅ. श्रीलाल शुक्ल को पुरस्कार दिया जा चुका है।
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इन्हें मिलेगा इस बार गोयल पुरस्कार
गोयल पुरस्कार के लिए इस बार आईआईटी दिल्ली के प्रो. एमेरिटस डॉ. भीम सिंह को चुना गया, जिन्होंने सौर ऊर्जा उत्पादन प्रणाली विकसित की है। वहीं आईआईएसईआर तिरुपति के निदेशक प्रो. शांतनु भट्टाचार्य को नैनो टेक्नोलॉजी में कार्य के लिए चुना गया है। इसके अलावा आईआईएससी बेंगलुरु के प्रो. वी नागराजा ने कई एंजाइम की संरचना, कार्यों और तंत्र के बारे में समझ को उन्नत किया है और आईआईएसई बेंगलुरु के प्रो. एसके सतीश ने पृथ्वी-वायुमंडल प्रणाली के विकिरण संतुलन पर एरोसोल के प्रभाव के बारे में महत्वपूर्ण शोध किया है।

इन वैज्ञानिकों को दिया जाएगा राजीब गोयल पुरस्कार
राजीब गोयल पुरस्कार के लिए युवा वैज्ञानिकों में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग बेंगलुरु के डॉ. सप्तर्षि बसु का चयन किया गया है, जिन्होंने द्रव गतिकी के क्षेत्र में योगदान दिया है। वहीं जेएनसीएएसआर बेंगलुरु के डॉ. सेबेस्टियन पीटर ने कई उत्प्रेरक तैयार किए हैं। वहीं आईआईटी कानपुर के डॉ. बुशरा अतीक ने कैंसर जीव विज्ञान में अत्याधुनिक शोध किया है। इसके अलावा भौतिकी संस्थान भुवनेश्वर के डॉ. एसके अग्रवाल को मुख्य रूप से न्यूट्रिनो भौतिकी और डिटेक्टर सिमुलेशन अध्ययन में अभिनव योगदान के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।
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