कुरुक्षेत्र। ज्योतिषाचार्य पंडित रामराज कौशिक।
कुरुक्षेत्र। नया साल इस बार सोमवार से शुरू होगा, जिसके चलते आयुष्मान योग बनेगा। शास्त्रों के अनुसार सभी ग्रहों में सबसे शुभ ग्रह माने जाने वाले देवगुरु बृहस्पति 31 दिसंबर को उल्टी चाल से बाहर निकलते हुए सीधी चाल चलने लगेंगे, जिससे नए साल 2024 से गुरु वक्री से मार्गी हो जाएंगे। इससे साल की शुरुआत में ही गजलक्ष्मी योग बनेगा। पहले गुरु के मार्गी होने से गजलक्ष्मी राजयोग का निर्माण होगा।
शास्त्रों में गजलक्ष्मी राजयोग को बहुत शुभ योग माना जाता है। इस योग के बनने से सभी राशियों पर प्रभाव पड़ेगा, जिससे बेहतर परिणाम सामने होंगे। नव वर्ष में संकल्प लेकर ईमानदारी से उनका अनुसरण करने वालों पर नववर्ष में खुशियों की बरसात होगी। शास्त्र अनुसार एक जनवरी को आयुष्मान योग बनेगा, जो कि दो जनवरी की सुबह तक रहेगा। इस योग के समय भगवान शिव और गणेश जी की आराधना करने से सेहत में सुधार होता है और लंबी उम्र की प्राप्ति होती है।
इसके अलावा लक्ष्मी नारायण योग भी एक जनवरी को ही बनेगा। यह योग बुध और शुक्र ग्रह की युति से बनता है, मान्यता है कि यह शुभ योग लगने पर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करनी चाहिए, जिससे वैवाहिक जीवन सुखद रहता है और धन की प्राप्ति होती है।
नववर्ष से सूर्य को करें जल अर्पित : पंडित रामराज कौशिक
ज्योतिषाचार्य पंडित रामराज कौशिक ने बताया कि एक जनवरी 2024 को मंगल और सूर्य देव दोनों धनु राशि में विराजमान होंगे। इन ग्रहों के मिलन से साल के पहले दिन आदित्य मंगल योग भी बनेगा। इससे भगवान के भक्तों पर विशेष कृपा होगी। इस योग से जहां धन वर्षा होगी तो वहीं जमीन जायदाद के कार्यों में लाभ होगा उन्होंने बताया कि साल 2024 में सालभर आपको खुशखबरी हासिल हो, तो आप साल के पहले दिन सूर्योदय से पहले उठकर भगवान सूर्य को जल अर्पित करें और तांबे से बने सूर्य की प्रतिमा की स्थापना करें। नव वर्ष की सुबह उठकर नहा धोकर किसी मंदिर में जरूर जाएं। इस दिन मां लक्ष्मी की आराधना करें और जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, कंबल, जूते वितरित करें।