कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर के निकट स्थित श्री जयराम विद्यापीठ में चिन्मय वानप्रस्थ संस्थान के सदस्यों की ओर से ब्रह्मचारी सोहम चैतन्य का गीता के 15 अध्याय का रिट्रीट कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नई दिल्ली से लगभग 40 श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक सेवा की। प्रतिदिन गीता पाठ के साथ गीता यज्ञ भी किया जा रहा है। कार्यक्रम का समापन 11 मार्च को होगा। रविवार को ब्रह्मचारी सोहम चैतन्य ने व्यासपीठ से कहा कि इस संसार रूपी बरगद के वृक्ष (अश्वत्थ), वैराग्य, आत्मा के दिव्य स्वरूप और भगवान कृष्ण को पुरुषोत्तम के रूप में समझने की आवश्यकता है। उन्होंने गीता के 15वें अध्याय के 20 श्लोकों पर भी विस्तार से चर्चा की। बोले कि साधकों को सांसारिक मोह से ऊपर उठकर ईश्वर के साथ शाश्वत मिलन की ओर ले जाना है। इस अवसर पर खरैती लाल सिंगला, केके कौशिक, यशपाल राणा, राजेश सिंगला, सुरेंद्र गुप्ता, सतबीर कौशिक और रोहित कौशिक सहित अन्य मौजूद रहे।