कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के मंदिरों में नवरात्र उत्सव की धूम रहेगी। इसके लिए मंदिरों को सजाने की तैयारी शुरू हो गई है। नवरात्र उत्सव को लेकर प्रदेश के एकमात्र शक्तिपीठ श्री देवीकूप (भद्रकाली) मंदिर को विदेशी फूलों से सजाया जाएगा, जिससे मंदिर परिसर विदेशी फूलों की खुशबू से गुलजार नजर आएगा। विभिन्न देशों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह फूल मां के भक्तों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे, जिसे देखने के लिए आस-पास ही नहीं बल्कि दूर-दराज के श्रद्धालु भी मंदिर में पहुंचेंगे।
मंदिर को विदेशी फूलों से सजाने के लिए करीब 30 के करीब कारीगर बंगाल और मुंबई से पहुंचेंगे। मां के दरबार में विदेशी पुष्प जरबेरा, एन्थुरियम, ऑर्किड, लिली, बर्ड ऑफ पैराडाइज, ट्यूलिप, डेहलिया सिलोसिया हैडरेन्जिया करनिशियन जैसे फूल रंगत बिखेरते नजर आएंगे। इसके अलावा देश के कई हिस्सों से आए नौ तरह के गुलाब के फूल, कलकत्ता गेंदा, रजनीगंधा, रात की रानी, चमेली भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे, जिससे मां का दरबार फूलों की खुशबू से महक उठेगा।
मां के लिए तैयार की गई चांदी की पालकी
नवरात्र उत्सव के चलते प्रदेश के एकमात्र शक्तिपीठ मां भद्रकाली मंदिर को नया लुक दिया गया है। पूरे मंदिर पर गोल्डन पेंट कराया गया है। वहीं मां के लिए चांदी की पालकी भी तैयार कराई गई है। जहां हर रोज तीन से चार हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। शनिवार को यह संख्या 50 हजार तक पहुंच सकती है।
शोभायात्रा में शामिल होंगी 5100 महिलाएं : सतपाल शर्मा
मंदिर के पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा का कहना है कि प्रदेश के एकमात्र शक्तिपीठ श्री देवीकूप (भद्रकाली) मंदिर को विदेशी फूलों से सजाया जाएगा, इसके लिए तैयारी की जा रही है। 15 अक्तूबर को पहले नवरात्र में मां को 56 भोग प्रसाद लगाया जाएगा। वहीं मां भद्रकाली को चांदी का दरबार अर्पण किया जाएगा, जो कि आकर्षण का केंद्र रहेगा। 15 अक्तूबर को शोभायात्रा निकाली जाएंगी, जिसमें 5100 महिलाएं कलश धारण कर नंगे पांव पूरे नगर की परिक्रमा करेंगी। शोभायात्रा में 1100 झंडे, 52 शक्तिपीठों के प्रतीक 52 चांदी रुपी त्रिशूल, 11 धर्म ध्वज पताका, अनेक मनमोहक झांकियां एवं बैंड बाजे शामिल रहेंगे। वहीं पांच हजार के करीब श्रद्धालु शोभायात्रा में हिस्सा लेंगे। शनिवार को हर श्रद्धालु को मां का खजाना बांटा जाएगा।