कुरुक्षेत्र। गांव नरकातारी रोड पर खेतो ं में घुसा सरस्वती नदी का पानी।
कुरुक्षेत्र। जिले में बाढ़ के हालात सुधरने की बजाय गंभीर होते जा रहे हैं। बुधवार शाम तक 70 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ गए जबकि अधिकतर का आपसी व दर्जनों आसपास के गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट चुका है। जिला का वाया पिहोवा पंजाब से संपर्क दूसरे दिन भी बहाल नहीं हो सका तो वहीं पानी की मार झेल रहे लोगों को बचाने के लिए एनडीआरफ को मोर्चा संभालना पड़ा और 60 लोगों को रेस्क्यू किया गया। पिहोवा क्षेत्र में शाम को गांव चनालहेड़ी के पास मारकंडा का तटबंध टूट गया था जिसे कुछ घंटे बाद दुरुस्त कर दिया गया था।
उधर, मारकंडा में शाम तक करीब आठ हजार क्यूसेक पानी कम हुआ, जिससे कुछ राहत मिली। वहीं गांव ठोल के पास टूटी नरवाना ब्रांच व गांव दबखेड़ी के पास टूटी बरसाती ड्रेन के तटबंधों को दुरुस्त नहीं किया जा सका। हालांकि इन्हें बंद करने के लिए प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। उधर, बाढ़ की चपेट में जिला भर में 50 हजार हेक्टेयर से ज्यादा फसल आई हुई है।
सभी कर्मियों की छ्ट्टी की रद, अधिकारियों को कड़े निर्देश
गत देर रात्रि अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं कुरुक्षेत्र जिले की प्रशासनिक सचिव जी अनुपमा ने अधिकारियों की बैठक में बारिश से प्रभावित क्षेत्रों की फीडबैक ली। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र जिले में लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, खाद्य सामग्री, पीने के पानी और दवाइयों की कमी नहीं रहनी चाहिए। इस आपदा के समय कोई भी अधिकारी व कर्मचारी छुट्टी पर नहीं रहेगा। सभी अपनी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे और 24 घंटे अलर्ट मोड में रहेंगे। उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि बारिश के पानी से काफी गांव और शहरी इलाका प्रभावित हुआ है। इस जिले में लोगों की मदद करने के लिए तमाम प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात काम कर रहे हैं और सभी का प्रयास रहा है कि लोगों की हर संभव सहायता की जा सके।
कुरुक्षेत्र। गांव नरकातारी रोड पर खेतो ं में घुसा सरस्वती नदी का पानी।
कुरुक्षेत्र। गांव नरकातारी रोड पर खेतो ं में घुसा सरस्वती नदी का पानी।
कुरुक्षेत्र। गांव नरकातारी रोड पर खेतो ं में घुसा सरस्वती नदी का पानी।