बांस की बनी आधुनिक लालटेन करेगी महोत्सव में उजाला
- फोटो : Amar Ujala
असम की बांस से बनी आधुनिक लालटेन इस अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के साथ-साथ सैकड़ों पर्यटकों के घरों में उजाला करेंगी। इस लालटेन को विशेष तौर पर असम से बनाकर शिल्पकार अमल दास लेकर आए है। वे पिछले 16 सालों से गीता जयंती महोत्सव में आ रहे है। इस बार महोत्सव में ब्रह्मसरोवर तट पर स्टाल नंबर 176 पर पर्यटकों के लिए बांस की बारीक डंडियों से बनी लालटेन, फलों की टोकरी, पेन स्टैंड सहित अनेक प्रकार के खिलौने भी सजाए गए है। शिल्पकार अमल दास ने बताया कि शिल्प कला को डिस्पले के लिए उत्तर-पश्चिम स्टेट से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि असम से बांस की लकड़ी से लालटेन बनाकर लाएं है। इस वर्ष केरोसिन बंद होने के कारण इस लालटेन को आधुनिक बनाकर लाए है। इस लालटेन से एलईडी या दूसरे बल्ब से रोशनी होगी। इस लालटेन को बिजली से चलाया जा सकेगा या फिर छोटी बैटरी का प्रयोग किया जा सकता है। इस लालटेन की कीमत 350 रुपये निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि मनी प्लांट की बेल के लिए बांस का गमला भी बनाकर लाए हैं। उनके स्टाल पर बांस से बने खिलौनों की कीमत 50 रुपये से लेकर 200 रुपये तक रखी गई है।