कुरुक्षेत्र। दयालपुर गांव में शरारती तत्वों ने पीर की कई मजार को निशाना बनाते हुए क्षतिग्रस्त कर दिया। शरारती तत्वों ने यहां खूब उत्पात मचाया। नीले रंग की चादर से ढकी इन मजार पर तोड़फोड़ कर आरोपी फरार हो गए। यह सभी मजार बाण गंगा तीर्थ पर बनी हुई है। इन मजार के साथ ही ग्रामीणों ने भोरखे (पितृ स्थान) बनाए हुए हैं। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में रोष पनप रहा है। वे आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना शनिवार रात की बताई जा रही है।
दरअसल, गांव में बाण गंगा तीर्थ पर ग्रामीणों ने अपने भोरखे बना रखे हैं। इनके साथ ही यहां पीर की कई मजार भी स्थापित हैं। शनिवार देर रात शरारती तत्वों ने यहां बनी पीर की सात-आठ मजार काे ईंट व हथौड़े से तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त दिया। शरारती तत्वों ने केवल नीले रंग की चादर और नीले रंग की मजार को ही निशाना बनाया है। हालांकि आरोपियों ने भोरखों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया, मगर पीर की मजार क्षतिग्रस्त करने से गांव के लोग खफा है। ग्रामीण अपने स्तर पर भी आरोपियों की पहचान करने में जुटे हैं। हालांकि उनका आरोप है कि बाहर गांव या अन्य जगहों से आए लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया है, क्योंकि गांव के लोग इन पीर की पूजा करते हैं। सुबह ग्रामीणों ने घटना की सूचना डायल-112 पुलिस को दी। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया है। वहीं गांव की सरपंच सीमा देवी ने गांव की ओर से पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की गुहार लगाई गई है।
होली और दिवाली पर होती है पूजा
सरपंच प्रतिनिधि सुरेश कुमार ने बताया कि गांव के लोगों ने पंचायती भूमि पर भोरखे बनाए हुए हैं। लंबे अरसे से यहां भोरखों के साथ ही पीर की कई मजार बनी हुई हैं। होली और दिवाली पर पितृ पूजन के साथ ग्रामीण यहां पीर की मजार पर भी माथा टेकते हैं। यह मजार उनके जन्म के पहले से ही यहां स्थापित है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
थाना केयूके प्रबंधक देवेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस को गांव की सरपंच की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है। सूचना के बाद घटनास्थल का जायजा लिया गया है। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है। आरोपियों की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।