कुरुक्षेत्र। अग्नि तपस्या करते हुए महंत राजेंद्र पुरी। स्वयं
कुरुक्षेत्र। जग ज्योति दरबार में महंत राजेंद्र पुरी की ओर से शुरू की गई कठोर अग्नि तपस्या के दूसरे दिन बड़ी संख्या में दर्शनों के लिए श्रद्धालु जुटे। महंत ने इस दौरान सर्व समाज के साथ विश्व कल्याण व शांति-सद्भावना का संदेश दिया। बताया गया कि करीब दो दशक से राष्ट्रहित एवं जनकल्याण के अग्नि तपस्या करते हैं। विश्व में युद्ध की स्थिति से मुक्ति मिले। संत-महापुरुषों की ओर से विश्व में सनातन को मजबूत करने से ही सद्भाव संभव है। चारों तरफ अग्नि के पांच धूणों के बीच निरंतर तपस्या करते हुए जन कल्याण की प्रार्थना करते हैं। प्रतिदिन तपस्या के साथ धीरे-धीरे आग के ढेरों की ऊंचाई भी बढ़ती जाती है। दर्शन के लिए बलविंदर बीबीपुर, ओमकुमार अंबाला, स्वर्ण सिंह, राजकुमार, सतीश, स्वर्ण जैनपुर, अरमान आदि पहुंचे। संवाद
कुरुक्षेत्र। अग्नि तपस्या करते हुए महंत राजेंद्र पुरी। स्वयं