संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। हरदीप सिंह महानिदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में पराली प्रबंधन हेतु लोगों को जागरूक करने के लिए शाहाबाद और लाडवा के स्कूलों में नाटक ‘बसुन्धरा बोली’ का मंचन किया गया।
दर्शाया गया कि पात्र काबेरी वैज्ञानिक की नौकरी को छोड़कर गांव में संरपंच का पद संभालती है, जिसके जीवन का उद्देश्य अपनी धरती को हरा-भरा रखना है। वह प्रकृति संरक्षण के लिए अपने रिश्तों को भी दांव पर लगा देती है। उसका कहना है हमारे पूर्वजों ने जब हमें खूबसूरत धरती उपहार में दी है तो हमारा भी फर्ज बनता है कि हम अपने आने वाली पीढ़ी को प्रकृति संपन्न धरती उपहार में दें। अंत में वह सबको साथ लेकर एक नये समय का निर्माण करती है।
इस मौके पर केयू अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डा. अशोक चौहान ने लोगों से पराली न जलाने की अपील की। पर्यावरण विभाग की विभागाध्यक्ष स्मिता चौधरी नेे कहा कि जिस तरह से हमारा पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, उस वातावरण में जीना दूभर हो जायेगा। शाहाबाद के एनएम नेशनल कालेज के प्राचार्य डा. अशोक ने भी लोगों की जागरूकता पर जोर दिया। वहीं रीता रंजन ने नाटक मंचन को नवजागरण का सशक्त माध्यम बताया।