कुरुक्षेत्र। सांग की प्रसतुति देते कलाकार। संवाद
कुरुक्षेत्र। अभिमन्युपुर के अदिति वन सूर्यकुंड तीर्थ पर दो दिवसीय मेले का आयोजन किया गया, जिसका आगाज रविवार को किया गया। मेले का उद्घाटन बाबा विप्रदास एवं गांव के सरपंच गौरव जैलदार द्वारा किया गया। इस दौरान सांग महोत्सव का आयोजन किया गया। बाबा विप्रदास ने बताया कि मार्तंड सूर्य की जयंती भाद्रपद की षष्ठी नौ सितंबर को मनाई जाएगी। इसके उपलक्ष्य में मेले का आयोजन किया गया है। इस दिन सूर्यकुंड तीर्थ में स्नान और दान करने का विशेष महत्व है। हरियाणा की लोक संस्कृति बहुत समृद्ध है। लोक कथाओं के माध्यम से सनातन की महान परंपराओं का बखान करने के लिए सांग बहुत शानदार विधा है। हमें अपनी संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए।
सरपंच गौरव जैलदार ने कहा कि सांग की प्रस्तुतियों से सूर्यकुंड मेले में रौनक लौटी है। हम अपनी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। ब्लॉक समिति सदस्य विक्की लोहट ने भी सांग पार्टी को सम्मानित किया। सांगी कलाकार रमेश कुमार कुमार पाई ने अपने साथी कलाकारों के साथ खांडे राव परी सांग की दमदार प्रस्तुति दी। सांग के माध्यम से धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। लय सुर और अभिनय के अनोखे संगम ने दर्शकों को अभिभूत कर दिया। कलाकारों ने सांग खांडे राव परी के किस्से पर दर्शक कभी भावुक हुए तो कभी खिल-खिलाकर हंसे। वहीं रागनियों पर भी दर्शक झूमते नजर आए। इस मौके पर महासचिव जसमेर सिंह चौहान, सचिव मोहन लाल नागपाल, हरिचरण शर्मा, रघबीर सिंह, शीशपाल गुप्ता, सुभाष टामक सहित अन्य सदस्य व सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
जानिए सूर्यकुंड मेले धार्मिक महत्व
अभिमन्युपुर में लगने वाले सूर्यकुंड मेले का धार्मिक महत्व है। वामन पुराण के मुताबिक देव माता अदिति ने इसी स्थान पर 88 हजार वर्ष तक तप किया था। इसलिए इस स्थान का नाम अदिति वन पड़ा। ऐसी मान्यता है कि इसी स्थान पर उन्हें भगवान विष्णु से वरदान प्राप्त हुआ और उनके गर्भ से इसी भूमि पर मार्तंड सूर्य का जन्म हुआ। ऋषि कश्यप और माता अदिति के पुत्र मार्तंड सूर्य अत्यंत पराक्रमी थे। उन्होंने दैत्यों का नाश कर देवताओं का प्रतिष्ठापन किया था।
कुरुक्षेत्र। सांग की प्रसतुति देते कलाकार। संवाद