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Kurukshetra News: आयुष्मान कार्ड धारकों का और बढ़ेगा मर्ज, बढ़ाई गई पाबंदी

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कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में स्थापित आयुष्मान केंद्र। संवाद
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कुरुक्षेत्र। आयुष्मान योजना का लाभ लेने वाले कार्ड धारकों को मर्ज और ज्यादा बढ़ने वाला है, क्योंकि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने मांगें पूरी न होने पर सख्त फैसला लिया है। आईएमए ने इस योजना के तहत दो सप्ताह के लिए ओपीडी, ऑपरेशन सहित तमाम सुविधाओं काे बंद कर दिया है। इस फैसले से पैनल वाले प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों को झटका लगा है।
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वहीं आईएमए ने चेतावनी दी कि अगर अब भी उनकी मांगें नहीं मानी गई तो और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। हालांकि आयुष्मान कार्ड धारक मरीज सरकारी अस्पताल के अलावा पैनल पर लिए गए सरकारी अस्पताल से इलाज करा सकेंगे। इन दोनों जगह पर मरीजों इलाज के साथ तमाम सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। बता दें जिले में पांच मार्च तक चार लाख 97 हजार 537 आयुष्मान एवं चिरायु कार्ड धारक है, जबकि इस योजना का लाभ देने वाले 50 सरकारी और गैर सरकारी अस्पताल है। इसमें 32 अस्पताल गैर सरकारी है। इन 32 अस्पताल ने आयुष्मान कार्ड धारकों को कोई सुविधा देने पर पाबंदी लगा दी है।
सरकार के पास केवल पैनल वाले गैर सरकारी अस्पतालों का ही नहीं सरकारी अस्पतालों का भुगतान भी अटका हुआ है। इसमें सबसे अधिक राशि एलएनजेपी अस्पताल की अटकी हुई है। सरकारी अस्पतालों की अधिकतर राशि सीटी स्कैन और विभिन्न तरह की जांच की शामिल है। बावजूद अस्पताल मरीजों को हर तरह की सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।
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अब दो सप्ताह का अल्टीमेटम
आईएमए के जिला प्रधान डॉ. राकेश भारद्वाज ने बताया कि जिले में गैर सरकारी अस्पतालों का 10 करोड़ से अधिक का भुगतान सरकार ने नहीं किया हुआ है। इसके बारे में पहले भी सरकार को अवगत कराया गया है, मगर सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। अब एसोसिएशन ने एक की बजाए दो सप्ताह तक इस योजना के तहत काम न करने का फैसला लिया है। उनके अल्टीमेटम के बाद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, जिसे देखते हुए और एक सप्ताह का समय और बढ़ा दिया गया है।


सरकारी अस्पताल में जारी रहेंगी तमाम सुविधाएं
आयुष्मान योजना नोडल अधिकारी एवं उप सिविल सर्जन डॉ. रमेश सभ्रवाल ने बताया कि आयुष्मान के तहत 18 सरकारी अस्पताल पैनल में शामिल है। इन सभी में पात्रों को तमाम सुविधाएं दी जा रही है। इन सरकारी अस्पताल का भुगतान भी अटका हुआ है।
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यह रही मुख्य चार मांग
1. नवंबर से अब तक का अटका भुगतान जारी हाे।
2. अगर सरकार 15 दिन में भुगतान नहीं करती तो ब्याज दिया जाए।
3. अभी प्रदेश सरकार पुराने रेट पर ही भुगतान करती आ रही है, जबकि अन्य राज्यों में नए रेट लागू किए जा चुके हैं। इसलिए अब यहां भी नए रेट लागू किए जाए।
4. बिलों में अनावश्यक कटौती न की जाए। अस्पताल प्रबंधन की सुनवाई के लिए पैनल बनाया जाए।
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