शाहाबाद। शाहाबाद की हद और अंबाला जिला के गांव खानपुरा से तंदवाल तक मारकंडा नदी पर बांध न होने के कारण इस नदी का पानी त्योड़ी गांव तक मार कर चुका है। त्योड़ी और इससे लगे गांवों में खेतों में पानी भरा हुआ है। इन गांवों में हजारों एकड़ फसल फिर खराब होने की आशंका बन गई है।
गांव निवासी आनंद कुमार, अशोक, खुशपाल, सतजिंद्र, सन्नी, विक्रम, राकेश, कुलदीप, रजत, प्रवीन व दीपक आदि ने कहा कि उन्होंने अपने खेतों में तीन-तीन बार धान की रोपाई की, लेकिन तीनों बार बाढ़ की मार पड़ी और फसल नष्ट हो गई। किसानों ने कहा कि खेतों के साथ-साथ उनके ट्यूबवेल बोर भी खराब हुए हैं। पानी के साथ आई मिट्टी पत्थर बोर में धंस गए। ग्रामीणों ने मांग की है कि त्वरित आधार पर किसानों को खराब हुए फसल व अन्य नुकसान का मुआवजा दिया जाए, ताकि कुछ राहत मिले। ग्रामीणों ने कहा कि तीन-तीन बार पौध लगाने में उन्हें एक-एक एकड़ में 30 हजार से अधिक का नुकसान हुआ है ।
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बांध न होने से पानी की हो रही मार
शाहाबाद की हद और अंबाला जिला के गांव खानपुरा से तंदवाल तक मारकंडा नदी पर बांध नहीं है, जिस कारण मारकंडा नदी का पानी डाडलू, पाडलू, दामली, रावा, जंधेड़ी, जोगी माजरा, शुगरमिल, छपरा-छपरी, त्यौड़ा-त्यौड़ी, शरीफगढ़, बकाना, मछरौली तक तबाही मचाता हुआ पिपली तक गांवों में पहुंच रहा है। इसलिए ग्रामीणों की मांग है कि खानपुरा से तंदवाल तक शीघ्र बांध बंधवाने का काम करना चाहिए ताकि भविष्य में बाढ़ की मार न पड़े। वहीं दूसरी ओर मारकंडा नदी के साथ बसे गांव कठवा, तंगौर, कलसाना, कल्याणा, ढकाला, मदनपुर, मोहनपुर, मलिक पुर, झरौली खुर्द व मुगलमाजरा, गुमटी व बाजीगर बस्ती में भी चौथी बार पानी की मार पड़ी है। बाजीगर कालोनी के लोगों को मारकंडेश्वर मंदिर परिसर मेंं आश्रय लेना पड़ा है। कठुवा में लोग आने जाने के लिए ट्रैक्टर का सहारा लेने को मजबूर हैं।