कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र में शुक्रवार को राष्ट्रीय स्तर का इंटेक हेरिटेज प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। यह प्रतियोगिता कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र तथा भारतीय कला एवं सांस्कृतिक निधि के कुरुक्षेत्र चैप्टर ने संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यातिथि के रूप में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने शिरकत की। इस अवसर पर मानद सचिव ने बताया कि कला एवं संस्कृति की धरोहर किसी भी देश के भूतकाल की परिचायक है। हमें अपने देश की महान वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी धरोहर को भी जानना चाहिए। भारतीय कला एवं संस्कृति निधि के कुरुक्षेत्र चैप्टर के संयोजक प्रोफेसर एआर चौधरी एवं कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र के परियोजना समायोजक केएस नेहरू उपस्थित रहे। केंद्र के परियोजना समायोजक केएस नेहरू ने बताया कि भारत की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की एक विशाल धरोहर रही है, जिसने विश्व को कई वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिक कलाएं तथा गणितीय सूत्र प्रदान किए है। इस अवसर पर डॉ. एआर चौधरी ने ‘भारतीय धरोहरों का संरक्षण‘ विषय पर एक व्याख्यान प्रस्तुत किया। व्याख्यान में उन्होंने बताया कि प्राचीन धरोहरें हमारे इतिहास का आईना हैं तथा उनका संरक्षण हम सबका नैतिक कर्तव्य है। राष्ट्रीय स्तर की इंटेक हैरिटेज प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के प्रथम चरण में विभिन्न विद्यालयों की 20 टीमों ने भाग लिया। द्वितीय चरण 4 टीमों ने भाग लिया। केंद्र के शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार दास ने बताया कि इस प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल तथा द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार अग्रसेन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने प्राप्त किया।