संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सावन माह शुरु होते ही शिवालयों में बम-बम भोले की गूंज हर और सुनाई देने लगती है, जिससे पूरा वातावरण शिवमय नजर आने लगता है। सावन माह देवों के देव महादेव को अत्यंत प्रिय है, जिसके चलते सावन माह में व्रत रखने और पूजा करने का विशेष महत्व शास्त्रों में बताया गया है। सावन माह को लेकर अभी से धर्मनगरी में धूम दिखाई देने लगी है, जिसके चलते जहां जिलेभर के शिवालयों को खूब सजाया गया है तो वहीं धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं की ओर से भी हरिद्वार से जल लेकर आने वाले शिव भक्तों के स्वागत के लिए कोई कसर न छोड़ने की तैयारी भी की गई है। कांवड़ लेकर धर्मनगरी पहुंचने वाले शिवभक्तों के लिए शिविरों में कई तरह के इंतजाम किए जा रहे हैं। जिले के शिवालयों में भी शिव भक्तों के लिए जलपान से लेकर विश्राम व दवाइयों के भी इंतजाम किए गए हैं।
वहीं शहर के प्राचीन दुख भंजन महादेव मंदिर में पिछले 32 वर्षों से कांवड़ के माध्यम से देवों के देव महादेव को गंगा जल अर्पित किया जाता है। इसके लिए मंदिर परिसर को सुंदर फूलों से सजाया गया है। पुजारी पंडित सुशील तिवारी का कहना है कि मंदिर में 32 सालों से शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित किया जा रहा है। शुरुआत में 100 के करीब शिवभक्त जल चढ़ाते थे, लेकिन अब इनकी संख्या हजारों तक पहुंच गई है।
शिवभक्तों के लिए किए गए इंतजाम : दर्शन पुरी
श्री शिव शक्ति सेवा मंडल के संरक्षक दर्शन पुरी ने बताया कि इस बार 32वां कांवड़ शिविर संस्था की ओर से लगाया जा रहा है, जो कि 24 जुलाई से तीन अगस्त तक चलेगा। शिविर में कांवड़ियों के ठहरने से लेकर खाने पीने और दवाइयां का इंतजाम किया गया है। शुरुआती दौर में 200 और जल चढ़ने से तीन दिन पहले बड़ी संख्या में शिवभक्त शिविर में पहुंचना शुरू हो जाते हैं।