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Kurukshetra News: अनाजमंडियों में नहीं तेज हो पा रहा उठान, अब सेक्टरों तक पहुंचा धान

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कुरुक्षेत्र। जिले भर की अनाजमंडियों में न खरीद तेज हो पा रही और न ही उठान, जिसके चलते मंडियां धान से अटी पड़ी है। किसानों को धान डालने की जगह नहीं मिल पा रही है। जहां थानेसर में ही ब्रह्मसरोवर के चारों ओर अस्थाई अनाजमंडियां बन चुकी है वहीं शहर के वीआईपी रोड भी अनाजमंडी का रूप ले चुका है। करीब दो किलोमीटर के दायरे में रोड पर दोनों ओर धान की ढेरियां पड़ी हुई है। हालात यहां तक बिगड़ चुके हैं कि अब अनाजमंडी से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित सेक्टर 10 के पार्किंग एरिया में भी अस्थायी अनाजमंडी लग चुकी है। किसान धान डालने के लिए शहर में कहीं भी जगह तलाश करने को मजबूर है तो वहीं वहीं उठान कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है।
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मंगलवार तक जहां जिले भर की अनाजमंडियों में सात लाख 32 हजार 250 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है तो वहीं मंगलवार के दिन भी एक लाख 80 हजार 670 क्विंटल धान खरीदा गया। वहीं अब तक उठान महज एक लाख 41 हजार 360 क्विंटल धान का हो पाया है। उधर जिले की आधा दर्जन से ज्यादा मंडियों व खरीद केंद्रों पर धान खरीद शुरू ही नहीं हो पाई है। इनमें अजराना कलां, भौर सैयदा, बोढनी, कराह साहिब, लुखी, मलिकपुर व नीमवाला शामिल है। डीएफएससी सुरेंद्र सैनी का कहना है कि खरीद व उठान कार्य को लगातार सुचारू किया जा रहा है। भरसक प्रयास है कि किसानों व आढ़तियों को कोई परेशानी न हो।



आढ़तियों को भी झेलनी पड़ रही परेशानी : दौलत बसंल
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दौलत राम बंसल का कहना है कि कुरुक्षेत्र की अनाजमंडी में ही साढ़े पांच लाख क्विंटल से ज्यादा धान पड़ा है। न खरीद और न ही उठान की व्यवस्था बेहतर हो पा रही है। इसका खामियाजा आढ़तियों के साथ-साथ किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है।
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