कुरुक्षेत्र। हिमाचल प्रदेश की लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला शक्तिपीठ श्री देवीकूप मां भद्रकाली मंदिर आकर भाव विभोर हो गईं। वह 52 शक्तिपीठों में से एक हरियाणा प्रांत के इकलौते शक्तिपीठ श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर में 25 साल बाद नतमस्तक होने शुक्रवार को पहुंचीं थीं। उन्होंने शक्तिपीठ के पुराने परिसर और उस समय की व्यवस्था के अलावा यहां से जुड़े पुराने संस्मरणों का साझा किया।
शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला परिवार के साथ श्री देवीकूप भद्रकाली शक्तिपीठ में पूजा अर्चना के लिए पहुंचे थे। यहां हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने बताया कि करीब 25 साल पहले उत्तर प्रदेश में मंत्री पद पर रहते हुए वह मंदिर में पूजा अर्चना के साथ घोड़े चढ़ाने आए थे, लेकिन उस समय और आज के शक्तिपीठ परिसर में बहुत बड़ा परिवर्तन आया है। मंदिर को भव्य स्वरूप देने के साथ सुविधाओं का विस्तार हुआ है। हिमाचल प्रदेश की लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि माता के दरबार में उन्हें एक बार फिर हाजिरी लगाने का अवसर मिला।
मां भद्रकाली यदुवंशियों की कुलदेवी है और भगवान श्री कृष्ण और दाऊ बलराम का मुंडन संस्कार भद्रकाली शक्तिपीठ में ही हुआ था। इसके पश्चात धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में महाभारत युद्ध से पहले भगवान श्रीकृष्ण का पदार्पण पांडवों के साथ भद्रकाली शक्तिपीठ में हुआ था। यहीं पांडवों ने महाभारत में विजय की कामना के लिए पूजा अर्चना की थी और विजयश्री की प्राप्ति के पश्चात यहां घोड़े अर्पित किए थे।
पांच हजार साल से यह परंपरा आज तक श्रद्धालुओं द्वारा मन्नत पूरी होने पर निभाई जा रही है। शक्तिपीठ में शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती, राम मंदिर ट्रस्ट अयोध्या जी के महंत नृत्य गोपाल दास, संत मुरारी बापू, श्रीश्री रविशंकर, अवधूत स्वामी शिवानंद और स्वामी अवधेशानंद सहित कई धर्मगुरु, संत महात्मा मां भगवती के चरणों में बैठकर पूजा अर्चना कर चुके हैं।
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यह दिग्गज राजनेता लगा चुके हाजिरी
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की धर्मपत्नी सोनल शाह पांच बार, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल अनेक बार,त्रिपुरा के मुख्यमंत्री रहे बिप्लब देब दो बार, केंद्रीय मंत्री उमा भारती चार बार, कई प्रदेशों के राज्यपाल, हरियाणा के मौजूदा मुख्यमंत्री मनोहर लाल और तत्कालीन भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित केंद्र व विभिन्न प्रांतों के दिग्गज राजनेता, सुप्रीम व हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एवं जस्टिस, उच्चाधिकारी और सैन्याधिकारी मां भद्रकाली शक्तिपीठ में पूजा अर्चना कर चुके हैं।
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शक्तिपीठ में चार राष्ट्रपति का हुआ है आगमन
- 8 फरवरी 2012 को महामहिम राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल
- 9 अप्रैल 2013 को महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी
- 6 दिसंबर 2016 को जयललिता के निधन के चलते दूसरी बार प्रणब मुखर्जी का दौरा टला। उनकी जगह उनके सांसद पुत्र अभिजीत मुखर्जी पहुंचे।
- 29 नवंबर 2022 शक्तिपीठ की ओर से अष्टधातु की महाकाली प्रतिमा राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को भेंट की गई।
- 11 अगस्त को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शक्तिपीठ पहुंचे।
- करीब 10 साल पहले मॉरीशस के राष्ट्रपति शक्तिपीठ में दर्शन करने पहुंचे थे।