कुरुक्षेत्र। केयू शिक्षक संघ ने शनिवार को मांगों के समर्थन में कुटा कार्यालय में बैठक का आयोजन किया, जिसमें शिक्षकों की मांगों को लेकर चर्चा की गई। केयू शिक्षक संघ के प्रधान डॉ. आनंद कुमार ने बताया कि हरियाणा फेडरेशन यूनिवर्सिटी एवं कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के आह्वान पर पंचकूला में 15 मई को होने वाले शिक्षा शिक्षक हित प्रदर्शन में केयू के शिक्षक काफी संख्या में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि इस शिक्षा शिक्षक हित प्रदर्शन के माध्यम से प्रदेश सरकार को जगाने का कार्य किया जाएगा।
कुटा सचिव डॉ. जितेंद्र खटकड़ ने कहा कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षक भर्ती को लेकर जारी की गई गाइडलाइन को जारी किए हुए छह महीने का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक इसकी कमियों को दूर करने के लिए कोई भी संतुष्टि भरा जवाब नहीं मिला है। असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर के लिए पीएचडी की अनिवार्यता व प्रमोशन के हर स्तर पर साक्षात्कार लागू करना इसमें शामिल है। महाविद्यालयों के शिक्षकों को पीएचडी छात्रों को गाइड करने के अवसर नहीं दिए जा रहे तो वहीं विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर की सीधी भर्ती में छात्रों का मार्गदर्शक होने को ही पदोन्नति के लिए अनिवार्य बनाना उनके विकास को अवरोधित करना है।
उन्होंने कहा कि यूजीसी अधिनियम 2018 शिक्षकों की सेवानिवृति आयु 65 साल करने के निर्देश देता है, लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन में बिना नियमों के पिक एंड चूज के आधार पर मनपसंद शिक्षकों को 65 साल की आयु तक पुनर्नियुक्ति देना भेदभाव पूर्ण है। यूजीसी की ओर से 2018 में जारी दिशा निर्देशों को लागू करने के बाद तीन वर्षों का विंडो पीरियड दिया गया था, जिसमें शिक्षक पुराने नियमों से भी प्रमोशन पा सकते थे, लेकिन गाइडलाइंस में ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया गया है। इस मौके पर डॉ. महावीर रंगा, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. अमृत सिंह, डॉ. बलिंदर सिंह, डॉ. परमजीत कौर, डॉ. प्रवेश सिंह, डॉ. दीप्ति, डॉ. पूजा, डॉ. देवेंद्र, डॉ. लता खेड़ा सहित अन्य मौजूद रहे।