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Kurukshetra: दही चावल खाकर लेटे भाई-बहन की संदिग्ध हालत में मौत, परिजनों का दावा, सांप के काटने से हुई मौत

Thu, 03 Aug 2023 02:39 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)

सार

मासूम तमन्ना और अभिषेक की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। परिजनों को सर्पदंश की आशंका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कारण स्पष्ट नहीं हुए है। विसरा केमिकल जांच के लिए चंडीगढ़ भेजा गया है। रिपोर्ट का इंतजार है।
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अभिषेक तमन्ना (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पिहोवा-कुरुक्षेत्र रोड पर इंदबड़ी गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में भाई-बहन की मौत हो गई। दोनों की मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। वहीं एक साथ दो बच्चों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। दोपहर को दोनों बच्चों को गमगीन माहौल में अंतिम विदाई दी गई। मृतक की शिनाख्त तमन्ना (11) और अभिषेक (7) के रूप में हुई। तमन्ना सातवीं और अभिषेक तीसरी कक्षा में पढ़ते थे।

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उधर, परिजन सर्पदंश को बच्चों की मौत का कारण बता रहे हैं, क्योंकि देर शाम उनके घर में एक जहरीला सांप मिला। परिजनों को आशंका है कि इस सांप के काटने से दोनों बच्चों की मौत हुई है। हालांकि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम के दौरान उनके शरीर पर सांप के काटने का कोई निशान नहीं मिला।

देर शाम को उस सांप को पकड़कर दूर जंगल में छोड़ा गया। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण स्पष्ट नहीं हुए तो विसरा केमिकल जांच के लिए चंडीगढ़ भेजा गया है। फॉरेंसिक विशेष डॉ. नरेश सैनी ने विसरा जांच की रिपोर्ट जल्द मंगवाने की सिफारिश भी की है।
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राजपाल निवासी इंदबड़ी ने बताया कि मंगलवार रात को उसकी भतीजी तमन्ना और भतीजे अभिषेक ने दही चावल खाए थे। रात करीब दो बजे तमन्ना की तबीयत खराब हो गई। वह बार-बार सिर और पेट दर्द की शिकायत करने लगी। उसे तुरंत उपचार के लिए एलएनजेपी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां उपचार के दौरान तमन्ना की मौत हो गई।

कुछ देर के बाद अभिषेक ने भी सिर और पेट दर्द की शिकायत की। उसे अस्पताल लाया गया, मगर उसने भी उपचार के दौरान ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने बयान के आधार पर इत्तेफाकिया रपट दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया।

ड्राई बाइट भी हो सकती है जानलेवा
फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. नरेश सैनी ने बताया कि ड्राई बाइट भी बच्चों की मौत की वजह हो सकती है। कई बार जहरीले जीव-जंतु खाने या शरीर पर अपना जहर छोड़ देते हैं। यह जहर अगर किसी कारण शरीर के अंदर गया तो उससे व्यक्ति की मौत हो सकती है। बच्चों के मामले में यह घटना भी हो सकती है। हालांकि उनके शरीर पर काटे जाने के कोई निशान नहीं मिले थे। अब विसरा जांच रिपोर्ट से ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे। यह रिपोर्ट जल्द आएगी, क्योंकि उनकी ओर से सिफारिश की गई है।

इत्तेफाकिया रपट पर हुई कार्रवाई
ज्योतिसर पुलिस चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि बच्चों के ताऊ के बयान पर पुलिस ने मामले में इत्तेफाकिया रपट दर्ज कर शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों हवाले कर दिया। पुलिस ने विसरा केमिकल जांच के लिए चंडीगढ़ भेजा है ताकि मौत के कारण स्पष्ट हो सकें।

आधे घंटे में उजड़ गई सुनीता और सुखबीर की दुनिया
कुरुक्षेत्र। आधे घंटे के अंदर इंदबड़ी के सुखबीर और सुनीता की पूरी दुनिया उजड़ गई। पिछले सप्ताह 27 जुलाई को ही सुखबीर ने अपनी बेटी तमन्ना का 11वां जन्मदिन मनाया था। बेटी के साथ-साथ बड़े बेटे सूरज 13 और अभिषेक सात का भी तिलक किया था। तीनों बच्चे लोहार माजरा के स्कूल में एक साथ पढ़ने जाते थे, मगर परिवार पर मंगलवार-बुधवार की रात भारी पड़ गई। संदिग्ध परिस्थितियों में तमन्ना और अभिषेक की मौत हो गई। इस घटना ने परिवार को ही नहीं बल्कि क्षेत्र के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया।

मंगलवार-बुधवार रात करीब ढाई बजे तमन्ना की मौत हो गई, जिसके आधे घंटे के बाद अभिषेक की जान चली गई। परिवार के साथ-साथ चिकित्सक भी दाेनों बच्चों की मौत से परेशान है। आखिर बच्चाें की मौत का कारण क्या है? मगर सुखबीर और सुनीता तो रो-रोकर सिर्फ यही पुकार रहे हैं कि उनकी मौत का कारण जो भी रहे अब उनके बच्चे तो वापस आने वाले नहीं है। उधर, मासूम सूरज को कुछ समझ नहीं आ रहा है कि आखिर उसके भाई-बहन को क्या हो गया। वे कहां चले गए हैं।

वहीं गमगीन माहौल में बुधवार दोपहर दोनों बच्चों को अंतिम विदाई दी गई। उनके अंतिम संस्कार में आसपास के गांव के लोग भी शामिल हुए। सभी लोग सुखबीर को हौसला दे रहे थे। किसी तरह सुखबीर ने तो अपने आप को रोक रखा था, मगर बच्चों की मां सुनीता बार-बार बेसुध हो रही थी। वो रोते-रोते अपने बच्चों को पुकार रही थी।

सूरज ने किया अंतिम संस्कार
मासूम सूरज ने अपने भाई और बहन का अंतिम संस्कार किया। उसके पिता ने उसके साथ लगकर दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार किया। इसे देखकर वहां हर किसी की आंखें नम हो गईं। दोनों बच्चों का अलग-अलग संस्कार किया गया।

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