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Kurukshetra News: केयू के छात्रों ने ग्रामीणों को बताए मोटे अनाज के फायदे

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कुरुक्षेत्र। केयू के छात्र गांव दयालपुर में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक करते ह
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कुरुक्षेत्र। केयू के महिला अध्ययन शोध केंद्र के छात्र-छात्राओं की ओर से गांव दयालपुर में मिलेट क्रांति विषय पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को मिलेट से बने खाद्य पदार्थों को अपने दैनिक भोजन में शामिल करने की उपयोगिता के बारे में जागरूक करना था।
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नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने गलत खानपान से होने वाली बीमारियों डायबिटीज, कोलेस्ट्रोल, दिल संबंधी बीमारियां, उच्च रक्तचाप से ग्रामीणों को अवगत कराते हुए बताया कि यदि मिलेट के विभिन्न प्रकारों जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का, सामक से बनी खाद्य सामग्री को अपने रोजाना के खानपान में शामिल किया जाए तो इन बीमारियों की रोकथाम की जा सकती है।
मोटा अनाज जैसे कि रागी एवं बाजरा गर्भवती महिलाओं और बच्चों में खून की कमी से होने वाली शारीरिक समस्याओं की रोकथाम में सहायक होता है। इसके अलावा मोटा अनाज कई प्रकार की एलर्जी एवं अस्थमा में भी लाभकारी होता है। विद्यार्थियों ने ग्रामीण महिलाओं को यह भी समझाने का प्रयास किया कि मोटे अनाज को उगाना आसान होता है। केंद्र के छात्र-छात्राओं ने नाटक के माध्यम से वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, भूमि प्रदूषण एवं वातावरण की स्वच्छता के मुद्दों को भी उठाया तथा इससे निपटने के उपायों को समझाया।
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केंद्र की निदेशक प्रो. अनीता दुआ ने ग्रामीण महिलाओं को संयुक्त राष्ट्र की ओर से अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष घोषित किए जाने के संदर्भ से अवगत कराया तथा मोटा अनाज के उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को अपने तथा पूरे परिवार के खानपान तथा स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर डॉ. वंदना, डॉ. अल्का, अंजु, अनु रानी, खुशबू, रेनू, निहारिका, सविता, आरती, कोमल, सुमित, सुरजीत, राहुल, सुमन, तमन्ना, मीनाक्षी, साक्षी सहित अन्य मौजूद रहे। संवाद
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