कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के फार्मास्यूटिकल साइंसेज संस्थान में शनिवार को पंचकोश द्वारा आत्म-चिकित्सा पर एक ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में समग्र स्वास्थ्य, शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक संतुलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। प्रो. नीरा राघव ने पंचकोश की अवधारणा को स्वास्थ्य पेशेवरों के संतुलन और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक बताया। डॉ. तरविंदर जीत कौर ने अन्नमय कोश से पोषण और स्वस्थ जीवनशैली की जानकारी दी। डॉ. बलराम ने प्राणमय कोश के तहत श्वसन तकनीकों और जीवन ऊर्जा का महत्व समझाया। डॉ. कमल ने मनोमय कोश से मानसिक जागरूकता, विचारों और भावनाओं के संतुलन पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में 50 से अधिक विद्यार्थी और संकाय सदस्य शामिल हुए। प्रतिभागियों ने शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, भावनात्मक दृढ़ता, बौद्धिक विकास और आंतरिक सामंजस्य पर चर्चा की।