पिहोवा। सरस्वती तीर्थ के सुंदरीकरण पर 14 करोड़ रुपये कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के माध्यम से खर्च किए जाएंगे। इसके बाद यह तीर्थ पूरे विश्व में अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध होगा। राज्य मंत्री संदीप सिंह मंगलवार को केडीबी द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों का अवलोकन करने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ तीर्थ निगरानी कमेटी के अध्यक्ष मदन मोहन छाबड़ा भी मौजूद रहे।
राज्यमंत्री संदीप सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव एवं गीता महोत्सव जैसे भव्य आयोजनों के लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से यहां आधुनिक स्टेज, ग्रीन रूम और बाथरूम तैयार किए जा रहे हैं। इनके बनने से यहां होने वाले कार्यक्रमों के दौरान कलाकारों, आमजन एवं अतिथियों को सुविधा मिलेगी। इसके अलावा पार्किंग की चहारदीवारी एवं इसे ब्लॉक लगाकर पक्का करने का काम भी शुरू किया जा चुका है। यह लगभग 60 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि महिला घाटों को दुरुस्त करने और उसकी साफ-सफाई करने के लिए भी केडीबी ने काम शुरू करने का प्लान तैयार कर लिया है। तीर्थ को सुंदर और भव्य बनाने के लिए धार्मिक स्थलों का रखरखाव करने वाली अनुभवी एजेंसियों को यहां आमंत्रित किया गया है। जो इस तीर्थ के दोनों तरफ सदरियां बनाकर पूरे तीर्थ के आसपास बने भवनों को एक जैसे रंग में रंगेंगी। इस तरह एक रंग के भवन होने से यहां की भव्यता भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी।
बताया कि तीर्थ पर रोशनी का प्रबंध करने के लिए लाइटों के लिए निविदा लगाई जा चुकी है। जल्द ही यह काम भी पूरा होगा। इसके अलावा यहां श्रद्धालुओं को धार्मिक संगीत सुनाई दे। इसके लिए म्यूजिक सिस्टम तीर्थ के आसपास स्थापित करने का प्लान भी है। इस मौके पर पालिका प्रधान आशीष चक्रपाणि, एसडीएम सोनू राम, पालिका सचिव मोहनलाल, सोनू गोयल, पार्षद रविकांत कौशिक, विकल चौबे, अक्षय नंदा सहित अन्य मौजूद रहे।
300 साल पुराने गुरु गोबिंद सिंह के भित्ति चित्रों का किया अवलोकन
राज्यमंत्री संदीप ने नाभा हाउस के पास सैकड़ों वर्ष पुरानी धौली हवेली का भी दौरा किया। उन्होंने यहां भगवान श्री राम, गुरु नानक देव, गुरु गोबिंद सिंह और महाराजा रणजीत सिंह जैसे राजाओं महाराजाओं के भित्ति चित्र एवं उनसे जुड़ी प्राचीन सामग्री का भी अवलोकन किया। पहली बार गुरु गोबिंद सिंह का 300 वर्ष पुराना चित्र यहां देखा है। उन्होंने कहा कि हिंदू सिख एकता की प्रतीक ऐसी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए सभी को प्रयास करना चाहिए। वह जल्दी पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को बुलाकर इस प्राचीन विरासत धौली हवेली को सहेजने का प्लान तैयार करेंगे।
पिहोवा तीर्थ का दौरा करते राज्यमंत्री संदीप सिंह वअन्य। संवाद