कुरुक्षेत्र। बारिश के सीजन में पिछले वर्ष जैसे हालात न बन जाएं और लोगों को जलभराव से परेशानी न हो, इसके लिए सरकारी अमला भरपूर प्रयास में जुट गया है। जनस्वास्थ्य, सिंचाई विभाग से लेकर नगर परिषद व सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड न केवल अलर्ट मोड पर आ गए हैं बल्कि नदी, नहर, नालों व ड्रेनों की सफाई के लिए जेसीबी से लेकर पोकलेन मशीनें भी उतार दी गई हैं। सफाई के इन कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिसके लिए प्रशासनिक अधिकारी भीषण गर्मी के बीच पसीना बहा रहे हैं।
हालांकि पिछले कई दिनों से नहर, ड्रेनों व नालों आदि की सफाई के लिए कार्य शुरू किए जाने के दावे प्रशासन की ओर से किए जा रहे हैं, जिन्हें परखने के लिए राज्यमंत्री सुभाष सुधा भी कई जगहों पर पहुंचे थे। उन्होंने भी कड़े निर्देश दिए थे कि किसी भी प्रकार से सफाई व्यवस्था में लापरवाही न हो। वहीं विभागों के अधिकारी भी हर रोज इन कार्यों की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज रहे हैं। इन कार्यों की वास्तविकता जानने के लिए बुधवार को नगराधीश रमन गुप्ता ने भी कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
सबसे पहले हरिनगर में सरस्वती चैनल का दौरा किया। संबंधित अधिकारी ने नगराधीश को अवगत करवाया कि यहां पर पोकलेन मशीन व जेसीबी के माध्यम से सफाई का कार्य किया जा रहा है और जिन क्षेत्रों में मशीन के माध्यम से कार्य नहीं हो सकता है, वहां पर मनरेगा के माध्यम से कार्य करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 30 जून से पहले-पहले सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के तहत जो भी चैनल है, वहां पर सफाई व्यवस्था संबंधित सभी कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा।
नगराधीश ने सिंचाई विभाग के तहत लिंडा नाले की सफाई का भी जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को कहा कि सभी ड्रेन की सफाई सुनिश्चित होनी चाहिए। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता मुनीष बब्बर ने बताया कि यहां कार्य पोकलेन मशीन और जेसीबी से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस नाले की सफाई व्यवस्था का कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इस नाले की सफाई होने से शहर के साथ-साथ जोगना खेड़ा, दबखेड़ी, बचगावां, नरकातारी, गुलाबगढ़ इत्यादि को फायदा होगा।
30 जून से पहले सभी 17 ड्रेनों की होगी सफाई : मनीष
सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता मनीष बब्बर का कहना है कि विभाग के तहत जिले में 17 ड्रेनें आती हैं, जिनमें से सभी में सफाई व्यवस्था का कार्य जारी है। 30 जून से पहले-पहले सभी जगहों पर सफाई व्यवस्था के कार्य को कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वयं तथा एसडीओ भी फील्ड में रहकर सफाई व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।
कुरुक्षेत्र। सरस्वती नदी की सफाई करती पोपलेन मशीन। विज्ञप्ति