कुरुक्षेत्र। केयू में विश्वविद्यालय स्तर के सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के दूसरे दिन युवा संवाद प्रतियोगिता में विभिन्न विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के 29 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने भारतीय संस्कृति के बारे में अपने विचार रखे। युवा संवाद प्रतियोगिता में आईआईएचएस से जन्नत ने प्रथम स्थान, राजकीय कॉलेज पंचकूला के आदित्य कुमार ने दूसरा और एमएलएन कॉलेज यमुनानगर की हर्षिता ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. डीपी भारद्वाज ने कहा कि सभी भारतीयों में किसी भी प्रकार का भाषाई मतभेद नहीं होना चाहिए, अपनी मातृभाषा पर हमारी पकड़ होनी चाहिए। हमें भाषायी गुलामी की मानसिकता से दूर होकर अपने भारतवर्ष को आगामी 25 वर्षों में विकसित राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ाना है तो इसके लिए भाषा को दृढ़ता से अपनाना चाहिए और आधुनिकता की दौड़ में पाश्चात्य संस्कृति के पीछे नहीं भागना चाहिए। भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए युवाओं को निरंतर प्रयासरत रहना होगा।
डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि हमारे वर्तमान युवा धीरे-धीरे हमारी भारतीय सांस्कृतिक तथा सभ्यता से वंचित होते जा रहे हैं और अपने संस्कारों से दूर हो रहे हैं। हमारे युवाओं को चाहिए कि वह अपने रीति-रिवाजों को साथ लेकर, सही रास्ते पर चलते हुए देश को विकसित देश बनाएं। डॉ. निर्मला चौधरी ने युवा संवाद की बारीकियों के बारे में प्रतिभागियों को अवगत करवाया। उन्होंने कहा की युवाओं को अपने परिवार एवं देश से जुड़े रहना चाहिए और एनएसएस का ध्येय स्वयं से पहले आप को लेकर आगे बढ़ना चाहिए, तभी हमारा देश विकसित देशों की तरफ बढ़ेगा। इस मौके पर डॉ. सीडीएस कौशल, डॉ. विनीता सहित अन्य मौजूद रहे।