शाहाबाद। अपनी मांगों के बारे में जानकारी देते आईटी प्रोफेशनल वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य। विज्ञप
शाहाबाद। प्रदेश सरकार के विभिन्न बोर्ड, विभाग एवं अन्य संस्थानों के माध्यम से लगे अनुबंधित डाटा एंट्री ऑपरेटर, जूनियर प्रोग्रामर, सिस्टम एनालिसिस पिछले कई वर्षों से अपनी नौकरी के नियमित होने का इंतजार कर रहे हैं। आईटी प्रोफेशनल वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य अपने-अपने शहरों में इस विषय पर अपने विधायकों एवं सरकारी नुमाइंदों को ज्ञापन भी दे चुके हैं और अब फिर उन्होंने अपनी यह मांग उठाई है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में कार्यरत मुनीश भाटिया ने बताया कि अभी हाल ही में इन कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मुलाकात कर उन्हें अपनी वर्षों पुरानी समस्या से अवगत करवाया था। उन्होंने बताया कि हारट्रोन में अनुबंध के आधार पर लगभग पांच हजार कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। कर्मचारियों द्वारा सरकार को सौंपे गए मांग पत्र के अनुसार जैसे पिछली सरकार ने पॉलिसी आधार पर कर्मचारियों को नियमित किया था, वैसे ही प्रदेश सरकार के विभिन्न विभाग, बोर्ड, मिशन, सांविधिक निकाय व निगमों में कार्यरत सभी हारट्रोन कर्मचारियों को भी नियमित किया जाए।
मुनीश भाटिया ने कहा कि एक बार सरकार की तरफ से एक्ट लाकर एक कड़ी बनाने की कोशिश भी की गई लेकिन फिर सरकार के अपने ही ढुल-मुल रवैये के चलते सब धरा का धरा रह गया। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से तोहफे के इंतजार में ये कर्मचारी अपनी वेतन संशोधन की पिछले डेढ़ साल से लंबित फाइल को लेकर एक बार पुनः मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर व प्रधान सचिव उमाशंकर से मिले। आईटी प्रोफेशनल कर्मचारियों ने सरकार से अनुरोध किया कि उनकी फाइल को विशेष अप्रूवल देकर उनका वेतन बढ़ाया जाए। इस अवसर पर विभिन्न विभागों से प्रमोद कुमार, पूनम, वीना, वरुण शर्मा, भारती मेहरा, मेघा, अनुसूया रानी, सुमन, गुरमीत सिंह, संजीत सिंह, कविता रानी, प्रियंका चौधरी व अंकित उपस्थित रहे।